थान सिंह (58) की गंगीरी चौराहा कासगंज रोड पर अचानक तबीयत बिगड़ी। सड़क किनारे गैस गोदाम के बाहर पेड़ की छाया के नीचे बाइक खड़ी कर वह जमीन पर बैठ गए। उनके हाथ-पैर थरथराने (कांपने) लगे। कुछ लोगों ने यह देखकर मोबाइल पर वीडियो बनाते हुए पता पूछा, लेकिन उनकी जुबान लड़खड़ाई और जमीन पर लुढ़क गए। कोई कुछ कर पाता, उससे पहले ही प्राण पखेरू उड़ गए।
सूचना पर पहुंची गंगीरी थाना पुलिस को उनकी जेब से पैरासिटामाल की छह टेबलेट, बीड़ी-माचिस और एक सादे कागज पर लिखा गया दवा का पर्चा मिला। एक हाथ पर निडिल (इंजेक्शन, ड्रिप के लिए) लगी हुई थी। नाम-पता न मालूम होने पर पुलिस ने अज्ञात में ही शव मोर्चुरी भिजवा दिया था, लेकिन कुछ देर बाद ही खबर पाकर परिजन थाने पहुंच गए।
थाना पुलिस के अनुसार परिजन से पता चला कि थान सिंह पुत्र भूदेव सिंह गांव नगला चमन के निवासी थे। तीन दिन से बुखार से पीड़ित थे। एक दिन गांव के समीप मढ़ी पर झोलाछाप से दवा ली थी, लेकिन बुखार नहीं उतरा। सोमवार की सुबह करीब नौ बजे छर्रा में डॉक्टर को दिखाकर दवा लेने की बात कहते हुए बाइक लेकर घर से निकले थे। शाम करीब पांच बचे लौटते समय रास्ते में ही मौत हो गई।
हार्ट अटैक का लग रहा मामला : एसओ
एसओ गंगीरी ज्योति श्रीवास्तव ने कहा कि प्रथमदृष्टया लग रहा है कि बीमारी के चलते हार्ट अटैक पड़ने से मौत हुई है। शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। दवा कहां से ली, यह पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा। परिजन के अनुसार थान सिंह एक बेटे और तीन बेटियों का विवाह हो चुका है। चार बेटे-एक बेटी विवाह के लिए बचे हैं।
