महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह (45) की अपहरण के बाद हत्या पूरी तरह फिल्मी अंदाज में अंजाम दी गई। हत्यारोपियों ने पहले चलती गाड़ी में धीरेंद्र प्रताप सिंह को रूमाल में कोई नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश किया और फिर उन्हें दो गोलियां मार दीं। इसके बाद आरोपियों ने उनका शव ऐसी सुनसान जगह पर फेंक दिया, जहां उसका पता लगाना मुश्किल था। वारदात के बाद आरोपी धीरेंद्र प्रताप सिंह की फॉर्च्यूनर गाड़ी मेदांता अस्पताल के पास छोड़कर फरार हो गए।
एडीसीपी दक्षिण रल्लापल्ली वसंथ कुमार ने बताया कि अब तक की जांच में चार लोगों के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने चालक रवि किशन और उसके एक साथी को हिरासत में ले लिया है। फरार दो अन्य आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपी चालक रवि किशन करीब 10 वर्षों से धीरेंद्र प्रताप सिंह के लिए काम कर रहा था और वह उनका बेहद भरोसेमंद था। हत्या की साजिश रचने वालों ने चालक के इसी भरोसे का फायदा उठाया और उसे सुपारी का लालच देकर साजिश में शामिल किया। हालांकि, अभी यह स्पष्ट होना बाकी है कि चालक रवि किशन को वारदात को अंजाम देने के लिए कितनी सुपारी दी गई थी या कितनी रकम देने की बात तय हुई थी।
