केजीएमयू के आर्थोपेडिक विभाग में असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट (एएनएस) 42 वर्षीय पवन कुमार गर्ग के लापता होने के मामले में नया मोड़ आया है। पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि वह दोस्त सचिन के साथ इटौंजा के लुधौली गांव शराब पार्टी में गए थे। वहां कुछ लोगों से विवाद हो गया। झगड़ा बढ़ने पर दोनों पर हमला हुआ। कार में डालकर पूरी रात घुमाने के बाद हमलावरों ने पवन व सचिन को बहराइच और सीतापुर की सीमा पर घाघरा नदी में फेंक दिया।
मड़ियांव के केशव नगर निवासी पवन 27 सितंबर को घर से कार लेकर निकले थे। उनके न लौटने पर घरवालों ने खोजबीन की पर सुराग नहीं लगा। उनका फोन भी बंद था। रिश्तेदार संजय कुमार गर्ग ने मड़ियांव थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद खोजबीन शुरू हुई।
इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि पवन की कार सीतापुर के कमलापुर में लावारिस हालत में मिली। सीसीटीवी फुटेज में पवन 27 सितंबर की रात 11:15 बजे इटौंजा टोल प्लाजा से कार लेकर जाते दिखाई दिए हैं। उनके साथ तीन अन्य भी बैठे दिखे हैं।
बहराइच पहुंची पुलिस : लखनऊ पुलिस ने चहलारी घाट पहुंचकर पवन की तलाश में नदी और आसपास खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं मिला। लोगों ने बताया कि दो दिन पहले नदी में एक शव उतराते देखा था। पुलिस ने स्टीमर से नदी में तलाश की पर शव बरामद नहीं हुआ। इसके बाद टीम स्टीमर से ही सीतापुर क्षेत्र की ओर रवाना हो गई और वहां तलाश जारी रखी। एसपी विश्वजीत श्रीवास्तव ने बताया कि उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है।
