घर नहीं चलते हैं। गोसाईंगंज के अनूपगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित भवन के मामले में यह जुमला झुठला दिया गया है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर चार मंजिला इमारत सड़क से 11 फीट पीछे खिसकाई जा चुकी है। अगले तीन महीने में भवन को 29 फीट और खिसकाया जाना है।
गोसाईंगंज निवासी भवन मालिक शांति मिश्रा ने बताया कि सड़क से सटी करीब पांच हजार वर्ग फीट में बनी उनकी चार मंजिला इमारत रेलवे ओवरब्रिज निर्माण की जद में आ रही थी। इससे भवन को नुकसान की आशंका थी। ऐसे में उन्होंने बहराइच के मोहम्मद इरफान और मो. जिबरैल से संपर्क किया। इसके बाद इरफान के भांजे एमडी तौफीक की अगुवाई में छह जनवरी से मकान की शिफ्टिंग शुरू हुई।
तौफीक ने बताया कि इमारत को शिफ्ट करने के लिए बीम के नीचे से कटिंग कर उसे विशेष जैक (जग) के सहारे उठाया जाता है। इन जैक में पहिये लगे होते हैं, जिनकी मदद से पूरी बिल्डिंग धीरे-धीरे पीछे धकेली जाती है। इस प्रक्रिया में 23 मजदूर सक्रिय रहते हैं, जबकि कुल 30 श्रमिक इस काम में जुटे हैं। बीम के नीचे कटिंग करने, जैक लगाने आदि तकनीकी तैयारी में चार महीने लग गए। इसके बाद भवन की 11 फीट शिफ्टिंग में महज पांच दिन लगे। बाकी काम पूरा होने का तीन महीने लगने का अनुमान है।
