यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद कश्यप और पूर्व राज्यमंत्री अच्छे लाल निषाद समेत उनके सैकड़ों समर्थकों ने शनिवार को सुभासपा छोड़कर विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) में शामिल हो गए। वीआईपी के अध्यक्ष मुकेश सहनी ने दोनों नेताओं को समर्थकों सहित पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस बीच सुभासपा अध्यक्ष और पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भी प्रेमचंद पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने का आरोप लगाकर पार्टी से निष्काषित करने का पत्र जारी किया है।
वीआईपी की सदस्यता लेने के बाद प्रेमचंद कश्यप ने ओम प्रकाश राजभर पर निशाना साधते हुए कहा कि वह पिछड़ों, दलितों और वंचितों की लड़ाई लड़ने के उद्देश्य से सुभासपा से जुड़े थे, लेकिन पार्टी नेतृत्व अपने संकल्प पर खरा नहीं उतरा। वहीं, पूर्व राज्यमंत्री अच्छे लाल निषाद ने कहा कि वीआईपी की नीतियों और सामाजिक न्याय की लड़ाई से प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है।
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वहीं, मुकेश सहनी ने निषाद पार्टी और भाजपा पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि समाज अब लीडर के साथ रहेगा, किसी लोडर के साथ नहीं। सहनी ने संजय निषाद पर निशाना साधते हुए कहा कि वह समाज की लड़ाई लड़ने के बजाय भाजपा को मजबूत करने और अपने परिवार को स्थापित करने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा निषाद समाज को आरक्षण दे देती है तो वह उसके साथ खड़े होंगे, वर्ना समाज अपने अधिकारों की लड़ाई जारी रखेगा।
सहनी ने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान की भावना के अनुरूप काम नहीं कर रही और सिर्फ सत्ता में बने रहने की राजनीति कर रही है। मालूम हो कि मुकेश सहनी इन दिनों यूपी में संगठन विस्तार अभियान चला रहे हैं और आने वाले समय में इसका असर प्रदेश की राजनीति में दिखाई देगा। वहीं, सुभासपा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि बीते कुछ दिनों से कश्यप के संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। इसकी जांच के बाद उन्हें निष्काषित किया गया है। पार्टी अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि किसी भी स्तर पर अनुशानसनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
