मुहम्मदाबाद (उरई)। डकोर के कुसमिलिया गांव में घूरे से उठी चिंगारी ने सोमवार की शाम तबाही मचा दी। आग ने कई घरों को चपेट में ले लिया। लपटों को देख भगदड़ मच गई। लोगों ने किसी तरह सबमर्सिबल चलाकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन काबू नहीं पाया जा सका। आग के गांव के करीब 20 घर पूरी तरह से जलकर राख हो गए। करीब 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। दमकल की टीम ने चार घंटे में भी आग पर काबू नहीं पा पाया। एसडीएम ने सभी पीड़ितों को जरूरी सामान उपलब्ध कराया है।
डकोर कोतवाली क्षेत्र के कुसमिलिया गांव में सोमवार की शाम घूरे से उठी चिंगारी ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के चलते आग ने करीब 20 मकानों को चपेट में ले लिया। अधिकतर मकान कच्चे होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। ग्रामीण आग बुझाने के लिए एक से दूसरे घर दौड़ते रहे, लेकिन आग की लपटें लगातार बढ़ती रहीं। हादसे में लाखों रुपये की गृहस्थी, अनाज, नगदी और पशुधन जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने करीब 50 लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान जताया है।
ग्रामीणों के मुताबिक गांव में भूरा सिंह के मकान के पास पड़े कूड़े में सबसे पहले आग लगी। तेज हवा के कारण आग ने कुछ ही देर में भूरा सिंह के मकान को चपेट में ले लिया। उनके घर में रखा करीब 10 क्विंटल गेहूं, साइकिल, सिलिंडर, गृहस्थी का सामान, नगदी और कच्चा मकान जलकर राख हो गया। उन्होंने करीब तीन से चार लाख रुपये के नुकसान की बात कही।
इसके बाद आग हरनाम प्रजापति, प्रमोद, प्रेमलता और पुष्पा के मकानों तक पहुंच गई। इनके यहां रखा करीब 25 क्विंटल ज्वार, गेहूं, 10 क्विंटल चना, गृहस्थी का सामान और पक्का मकान आग की भेंट चढ़ गया। परिवार का कहना है कि घर में रखे 10 हजार रुपये भी जल गए। उन्होंने पांच से छह लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया।
उमा देवी और पातीराम ने बताया कि घर में इलाज के लिए रखे डेढ़ लाख रुपये, अनाज, जरूरी कागजात, बच्चों की किताबें और मकान पूरी तरह जल गया। बलराम के यहां आठ क्विंटल गेहूं, डेढ़ लाख रुपये, कपड़े, बेड, गद्दे और बर्तन राख हो गए। रामकिशोर प्रजापति का छप्पर, अनाज, कपड़े, गृहस्थी का सामान और 28 हजार रुपये आग में जल गए।
प्रेम नारायण के दो बकरी, चार बकरे, चार बच्चे, भूसा, अनाज और तीन कमरे आग की चपेट में आ गए। उन्होंने करीब पांच लाख रुपये के नुकसान की बात कही। वहीं महेश प्रजापति, किशोरी, मंगल सिंह श्रीवास, गुड्डू , राजकुमार और योगेंद्र सिंह समेत कई परिवारों के मकान, भूसा, लकड़ी, अनाज और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। हरकिशोर, महेश और पवन की दो ट्राली भूसा, उपले और लकड़ी भी आग में जलकर राख हो गई।
आग लगने की सूचना पर एसडीएम ज्योति सिंह, सीओ राजीव कुमार शर्मा, तहसीलदार, कोतवाल, कानूनगो और लेखपाल मौके पर पहुंचे। दमकल की दो गाड़ियों ने ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद करीब पांच घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों के नुकसान का सर्वे शुरू करा दिया है।
