उरई। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कुठौंद के प्रभारी चिकित्सा अधिकारी की तहरीर पर मेडिकल स्टोर संचालक और उसके पुत्र समेत चार लोगों के खिलाफ कुठौंद थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि प्राइवेट मेडिकल स्टोर की दवा लिखने का दबाव बनाने के लिए इमरजेंसी में पहुंचकर डॉक्टर से अभद्रता की गई। ओपीडी रजिस्टर फाड़ दिया गया और फर्जी शिकायतों में फंसाने व तबादला कराने की धमकी दी गई।
प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुण तिवारी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर संचालित राधा मेडिकल स्टोर के संचालक अरुण कुमार दुबे उर्फ पप्पू दुबे अपने मेडिकल स्टोर की दवाएं लिखने का दबाव बना रहे थे। आरोप है कि 10 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे उनका पुत्र राम दुबे अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचा और डॉक्टर से अभद्रता करते हुए ओपीडी रजिस्टर फाड़ दिया।
तहरीर के अनुसार मेडिकल स्टोर की दवाएं न लिखने पर डॉक्टर को फर्जी शिकायतों में फंसाने, एक सप्ताह के भीतर तबादला कराने और सरकारी अस्पताल में नहीं रहने देने की धमकी दी गई। डॉक्टर ने आरोप लगाया कि काफी समय से फर्जी शिकायतों के माध्यम से उन पर दबाव बनाया जा रहा था।
डॉ. तिवारी ने तहरीर में यह भी कहा है कि यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए अरुण कुमार दुबे उर्फ पप्पू दुबे, राम दुबे, सुरेंद्र बाबू दोहरे और बबली दीक्षित जिम्मेदार होंगे। सुरेंद्र बाबू दोहरे और बबली दीक्षित पर डॉक्टर के खिलाफ फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का भी आरोप लगाया गया है।
थाना प्रभारी जगदम्बा प्रसाद का कहना है कि चारों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच उपनिरीक्षक हर्षवर्धन त्रिपाठी को सौंप दी है।
