– विभिन्न मांगों को लेकर तहसीलों में धरना देकर सौंपे ज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

उरई। लंबित सेवा संबंधी मांगों को लेकर जिलेभर के लेखपाल शनिवार को आंदोलन पर रहे। सदर समेत जालौन, कोंच और कालपी तहसीलों में लेखपालों ने धरना देकर विरोध जताया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपे।

लेखपालों ने 2800 रुपये ग्रेड पे लागू करने, वेतन विसंगति दूर करने, अंतर्मंडलीय स्थानांतरण शुरू करने, लंबित पदोन्नति सूची जारी करने और नवनियुक्त लेखपालों का विभागीय परीक्षा परिणाम घोषित कर स्थायीकरण करने की मांग उठाई। संघ ने चेतावनी दी कि मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं हुआ तो 17 अक्टूबर से कलम बंद कर संपूर्ण कार्य बहिष्कार किया जाएगा।

100 रुपये स्टेशनरी भत्ता, 1500 रुपये वाहन भत्ता करने की मांग

लेखपालों ने स्टेशनरी भत्ता 100 से बढ़ाकर 500 रुपये, वाहन और मोटरसाइकिल भत्ता 1500 रुपये तथा विशेष भत्ता 100 से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। लेखपाल पद को तकनीकी पद घोषित कर लैपटॉप और मोबाइल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई।

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फोटो- 28 रामभरोसे।

ग्रामीणों के काम अटके

कोंच। तहसील परिसर में धरने के कारण कुछ फरियादियों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। गेदौली निवासी रामभरोसे रिश्तेदारों के पेंशन संबंधी काम के लिए तहसील पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि लेखपालों के धरने पर होने से काम नहीं हो सका।

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फोटो- 29 लक्ष्मीराम।

मुआवजे से संबंधित जानकारी नहीं मिली

भदेवरा निवासी बुजुर्ग किसान लक्ष्मीराम बारिश से नष्ट हुई तिल की फसल के संबंध में जानकारी लेने पहुंचे थे। लेखपाल नहीं मिले तो उन्हें फसल नुकसान और मुआवजे से संबंधित जानकारी नहीं मिल सकी।

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आठ सूत्रीय मांगों को लेकर समाधान दिवस का बहिष्कार

जालौन। तहसील परिसर में लेखपालों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दिया और संपूर्ण समाधान दिवस का बहिष्कार किया। समाधान दिवस समाप्त होने के बाद लेखपालों ने एसडीएम को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। तहसील अध्यक्ष वैभव त्रिपाठी ने कहा कि 2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति का मामला करीब 10 वर्षों से लंबित है।

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कालपी में साइकिल भत्ते पर जताई नाराजगी

कालपी। तहसील परिसर में लेखपालों ने आंशिक हड़ताल कर धरना दिया। तहसील अध्यक्ष जयवीर सिंह ने कहा कि लेखपालों को महज 100 रुपये साइकिल भत्ता दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खसरा-खतौनी, प्रमाणपत्रों की रिपोर्ट, किसान सम्मान निधि, मुआवजा, भूमि विवादों की मौके की रिपोर्ट, पेंशन और आवास समेत तमाम राजस्व एवं सरकारी योजनाओं का काम लेखपालों के जिम्मे है।

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सदर तहसील में सुबह से शाम तक धरना

उरई। सदर तहसील परिसर में जिलाध्यक्ष अनूप कुमार तिवारी, तहसील अध्यक्ष अश्वनी कुमार गुप्ता और तहसील मंत्री वीर सिंह के नेतृत्व में लेखपाल धरने पर बैठे। जिलाध्यक्ष ने कहा कि बढ़ते कार्यभार के बावजूद उनकी सेवा संबंधी मांगों का समाधान नहीं किया जा रहा है। दोपहर में एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। संघ ने चेतावनी दी कि 17 अक्टूबर से प्रस्तावित कलम बंद आंदोलन में राजस्व और अन्य संबंधित कार्य प्रभावित हो सकते हैं।

फोटो- 27 सदर तहसील में हड़ताल के दौरान मांगें दोहराते लेखपाल। संवाद

फोटो- 27 सदर तहसील में हड़ताल के दौरान मांगें दोहराते लेखपाल। संवाद

फोटो- 27 सदर तहसील में हड़ताल के दौरान मांगें दोहराते लेखपाल। संवाद

फोटो- 27 सदर तहसील में हड़ताल के दौरान मांगें दोहराते लेखपाल। संवाद



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