कानपुर में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाकर लखपति दीदी तैयार करने की सरकारी योजना में बड़ा खेल हो गया। जिले में 45 स्वयं सहायता समूह स्वरोजगार के नाम पर करीब 40 लाख रुपये का ऋण लेने के बाद गायब हो गए। तीन साल से ये समूह पूरी तरह निष्क्रिय पड़े थे। अब शासन स्तर पर मॉनीटरिंग हुई, तो पोल खुली।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गरीब महिलाओं को कुटीर उद्योग और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए सामुदायिक निवेश निधि दी जाती है। कानपुर में 45 महिला समूहों ने इस योजना को कमाई का जरिया बना लिया। पैसा लेने के बाद समूहों के कार्यालय बंद हो गए। बैंक खातों में लेनदेन रुक गया और महिलाएं भी संपर्क से बाहर हो गईं।
