Boat capsizes in the Ganges during Durga idol immersion; seven people on board narrowly escape drowning

इसी नाव से हुआ हादसा
– फोटो : अमर उजाला

शुक्लागंज के सीताराम कालोनी स्थित आनंद घाट गंगा तट के पास सोमवार दोपहर दुर्गा मूर्ति विसर्जन के दौरान एक नाव का संतुलन बिगड़ने से वह गंगा नदी में पलट गईं। नाव में नाविक उसका सहायक समेत सात लोग सवार थे। नाव में सवार सभी लोग गंगा नदी में गिर गए। गनीमत रही कि जिस जगह नाव पलटी वहां गहराई कम थी जिससे किसी तरह से सभी सकुशल नदी से निकल आए। यह देख वहां मौजूद भीड़ में चीख-पुकार मच गईं। घटना के समय सुरक्षा के कोई भी प्रबंध नहीं थे। जबकि घटना स्थल से सौ मीटर की दूरी पर बालू घाट पुलिस चौकी है।


बता दे कि मोहल्ला श्रीनगर में पिछले तीन दिनों से श्री नगर महोत्सव-2026 मां कल्याणी सेवा समिति के तत्वाधान में मनाया जा रहा था। समिति द्वारा सोमवार को भंडारा कार्यक्रम के बाद दुर्गा मूर्ति विसर्जन कार्यक्रम चलते समिति के लोग क्षेत्रीए जनता के साथ ढ़ोल ताशे के बीच सीताराम कालोनी आनंद घाट पहुंचे जहां मूर्ति विसर्जन के लिए मोहल्ला श्रीनगर निवासी संदीप सैनी, अंशू पंडित, प्रतीक तिवारी, कन्हैया, अशर्फी लाल व नाविक लईक व उसका सहायक समेत सात लोग मूर्ति विसर्जन के लिए नाव से गंगा नदी में निकले। तभी कुछ दूरी पर जैसे ही मूर्ति विसर्जन करने लगे नाव ने संतुलन खो दिया और नदी में पलट गई। गनीमत रही कि जिस जगह नाव पलटी वहां करीब 5 से 6 फीट पानी होना बताया गया। घाट पर रहे प्रत्यकदर्शी फूलचंद व उनकी पत्नी संगीता निवासी मनोहर नगर ने बताया कि जिस वक्त नाव पलटी उस वक्त सभी डूबने लगे और घाट पर चीख पुकार मच गई। लेकिन गहराई कम होने के कारण किसी तरह से हाथ-पांव चलाकर डूब रहे सभी लोग बाहर आ गए। जिससे बड़ी घटना होने से टल गई। खास बात यह रही कि घटना स्थल से करीब सौ मीटर की दूरी पर पुलिस चौकी है जहां पुलिस को घटना की भनक तक नहीं लगी। चौकी प्रभारी अरूण त्रिपाठी ने बताया कि वह कोर्ट गए थे आने पर उन्हें बीट के सिपाहियों ने बताया। जिसे दिखवाया जा रहा है।

एसपी गगनीखेड़ा झील का करते रहे निरीक्षण इधर पलट गई नाव

बता दें कि जिस वक्त दोपहर करीब ढ़ाई बजे आनंद घाट पर नाव पलटने की घटना हुई उसी के आस-पास के समय में एसपी जय प्रकाश सिंह गगनीखेड़ा विसर्जन स्थल झील का निरीक्षण कर रहे थे। और उसी समय इधर आनंद घाट पर नाव पलट गईं। लेकिन उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गईं।

बिना परमीशन के कराया गया मूर्ति विसर्जन

समिति की ओर से आनंद घाट पर मूर्ति विसर्जन की कोई भी अनुमति जिला प्रशासन की ओर से नहीं थी इसके बावजूद यहां विसर्जन कराया गया। एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि गगनीखेड़ा झील को ही विसर्जन स्थल बनाया गया है और वहीं पर नियमानुसार मूर्तियों के विसर्जन के लिए सभी को अनुमति दी गई है, जिस तरह से यहां विसर्जन हुआ वह अनधिकृत रूप से किया गया। जिसके लिए मामले की जांच कर कार्रवाई होगी। वहीं बालू घाट चौकी प्रभारी अरूण त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें उच्च अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मां कल्याणी सेव समिति द्वारा मुक्तेश्वर घाट रविदास नगर में मूर्ति विसर्जन कराए जाने की अनुमति है जिसे उन्होंने अपनी डायरी में नोट कर लिया था लेकिन वह आनंद घाट कैसे आ गए नहीं पता।

नाव में था छेद, पानी भरा तो पलट गईं

मां कल्याणी सेवा समिति के सदस्य व वार्ड संख्या-27 के सभासद पति उदयराज कश्यप ने बताया कि नाव में उनकी समिति के पांच लोग व नाविक व उसका सहायक मिलाकर सात लोग थे। तीन सौ रूपये में मूर्ति विसर्जन के लिए नाविक तैयार हुआ। जैसे ही नाव में बैठे सभी लोग नदी में पहुंचे तो नाव में पहले से छेद था जिस कारण उसमें पानी भरने लगा, जब पानी अधिक भर गया तो नाव बैठने लगी और भार अधिक पड़ने से नाव पलट गईं। हलांकि सभी लोग सही सलामत निकल आए। इनका कहना रहा कि उन्होंने प्रशासन से मुक्तेश्वर घाट में विसर्जन की परमीशन ली थी लेकिन वहां नाला टूटा था जिस कारण वाहन नहीं जा सकते थे इसलिए आनंद घाट पहुंच गए हलांकि परमीशन का लेटर वह नहीं दिखा सके।



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