आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में बालक के विकृत चेहरे को सुंदर बनाया गया है। उसका मुंह भी पूरा खुलने लगा है। सर्जरी के बाद मरीज की हालत ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिया है। निजी अस्पताल में इसका खर्च एक लाख रुपये से अधिक आता। एसएन में निशुल्क ऑपरेशन हुआ है।
प्लास्टिक सर्जरी विभाग के डॉ. पुनीत भारद्वाज ने बताया कि कासगंज के 13 साल के बालक को 3-4 साल की उम्र में चोट लग गई थी। इससे जबड़ा टूट गया। परिजन ने लापरवाही बरती, जिससे जबड़े की हड्डी आपस में जुड़ने लगी। इससे चेहरा धीरे-धीरे टेढ़ा होने लगा। मुंह भी एक अंगुली की चौड़ाई के बराबर ही खुलता था। इससे खाने-पीने, चबाने और बोलने में दिक्कत होने पर परिजन बीते सप्ताह एसएन में दिखाने लाए। इस परेशानी को टेम्पोरोमैंडिबुल ज्वाइंट एंकिलासिस बोलते हैं।
जांच के बाद इसकी प्लास्टिक सर्जरी करते हुए जबड़े को खोला गया। फ्लैप सर्जरी से सही आकार दिया गया। इसे विधि को गैप आर्थोप्लास्टी बोलते हैं। ढाई घंटे से अधिक समय तक ऑपरेशन चला। बच्चे का चेहरा सीधा कर दिया है, मुंह भी सामान्य लोगों की तरह खुल रहा है। खाने-पीने और बोलने में कोई परेशानी नहीं हो रही है। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनने के बाद कॉस्मेटिक सर्जरी की सुविधा भी मिल रही है। टीम में डॉ. प्रिया, डॉ. प्रीति भारद्वाज, डॉ. आकाश, डॉ. अभिषेक पंकज, डॉ. विकास, डॉ. पीयूषा और डॉ. अर्पिता शामिल रहे।
