बारिश में बसई मंडी से इंद्रापुरम रोड पर सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य में लापरवाही से सड़क धंसी और 12 से ज्यादा कारें, वैन और ट्रक फंस गए थे। तीन माह में इसी सड़क पर पांच बार नगर निगम जुर्माना लगा चुका है लेकिन फर्म ने काम में कोई सुधार नहीं किया। इससे करीब ढाई लाख लोग परेशानी झेल रहे हैं। बुधवार को यहां गड्ढे भरने के लिए मलबा डाला गया।
बसई मंडी से राजपुर चुंगी क्षेत्र के इंद्रापुरम तक 100 फुटा रोड पर सीएम ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) योजना का काम चल रहा है। 42.78 करोड़ से बनाई जा रही इस सड़क का काम तीन माह पहले शुरू हुआ था। निर्माण ईको ग्रीन कंपनी कर रही है। नगर निगम के अधिकारियों के निरीक्षण में पांच बार जुर्माना फर्म पर लगाया गया लेकिन सुधार नहीं हुआ। यही कंपनी 47.43 करोड़ से इंद्रापुरम चौराहे से अमर होटल तक बन रही सड़क पर सीएम ग्रिड का काम कर रही है।
ईको ग्रीन पर पांच बार में 27.5 लाख रुपये जुर्माना लगाया जा चुका है। इसी तरह हरीपर्वत से दिल्ली गेट और राजामंडी स्टेशन के बीच सीएम ग्रिड की सड़कों का निर्माण करने वाली श्रीराम कंस्ट्रक्शन पर 4 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था, यहां भी काम में लापरवाही के आरोप हैं।
इंजीनियरों से मांगी रिपोर्ट
नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि बसई मंडी से इंद्रापुरम रोड के गड्ढे भरने का काम शुरू किया गया है। जिन स्थानों पर सड़क धंसने से गड्ढे बन गए हैं, उन्हें यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा। इंजीनियरों से रिपोर्ट मांगी गई है।
सोशल मीडिया पर छाया- यूपी के विकास का मॉडल
यूपी के विकास मॉडल के तौर पर सोशल मीडिया में आगरा की सड़कों के धंसने पर पलटी हुई कारों के फोटो लगाकर इस पर कटाक्ष किए गए। विपक्षी दलों के नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स, फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सड़कों के धंसने पर सरकार पर निशाना साधा, साथ ही नगर निगम की लापरवाही और भ्रष्टाचार का प्रतीक करार दिया। आगरा में तीन सांसद, 9 विधायक, मेयर, जिला पंचायत अध्यक्ष, एमएलसी और तीन मंत्रियों की मौजूदगी के बाद भी शहर में विकास कार्यों और सड़कों के साथ जलभराव पर लोगों नाराजगी जता रहे हैं।
