राजधानी लखनऊ में इटौंजा स्थित शार्प ग्लोबल स्कूल प्रबंधन फर्जीवाड़ा कर स्कूल के बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा है। स्कूल प्रबंधन ने एक माह पहले आरटीओ को जिन तीन बसों के स्क्रैप (अस्तित्व समाप्त) होने की लिखित सूचना दी थी वह बच्चों को लाते-ले जाते मिलीं। इतना ही नहीं आरटीओ में नौ स्कूल वाहन दर्ज कराकर प्रबंधन 17 वाहन चलवा रहा है। परिवहन विभाग की ओर से रविवार को की गई जांच-पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। इन बसों का चालान किया गया है।
दरअसल शनिवार को स्कूल की एक बस के इंजन में धुंआ उठने के बाद आग लग गई थी। इसमें एक बच्चा जख्मी हो गया था। हादसे के बाद सक्रिय हुए परिवहन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को स्कूल परिसर में खड़े वाहनों की पड़ताल की तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
रेड लिस्ट में शार्प ग्लोबल स्कूल
स्कूल प्रबंधन की ओर से बीते 31 अगस्त को आरटीओ में लिखित सूचना दी गई थी कि यूपी-32 टीएन 0197, यूपी-32 टीएन 4711 व यूपी-32 ईएन 2062 नंबर की बसें स्क्रैप हो चुकी हैं। यानी यह बसें कट चुकी हैं और अस्तित्व में नहीं हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) आलोक कुमार यादव की जांच में यह बसें इस्तेमाल होती हुई मिलीं। ऐसा कर प्रबंधन बच्चों की जान जोखिम में डाल रहा था। इनका चालान किया गया। शार्प ग्लोबल स्कूल के स्कूली वाहनों की फिटनेस समेत दस्तावेज पूरे न होने के कारण विभाग ने इसे रेड लिस्ट में भी डाल रखा है।
