उरई। जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठने और विरोध करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने के मामले में पुलिस ने सजायाफ्ता अपराधी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का सरगना पहले मादक पदार्थों की तस्करी के मामले में करीब 10 साल की सजा काट चुका है और उसके खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में 16 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने उसके साथ उसकी पुत्री को भी पकड़ा है। गिरोह के दो अन्य बदमाश अभी फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक उमाशंकर राजपूत से रंगदारी मांगने के मामले में कोतवाली उरई में मुकदमा दर्ज था। इसी मामले में पुलिस ने गांधी नगर निवासी महेंद्र कुमार वर्मा उर्फ महेंद्र सिंघानिया, बघौरा निवासी शंकर कुशवाहा और उसकी 21 वर्षीय बेटी पूजा कुशवाहा को गिरफ्तार किया।
पुलिस का कहना है कि महेंद्र ने पूजा, शंकर, यशपाल उर्फ बब्बू और शकील उर्फ रेहान के साथ मिलकर गिरोह बना रखा था। गिरोह फर्जी तरीके से जमीनों की खरीद-फरोख्त कराने के नाम पर लोगों से रुपये वसूलता था। पुलिस के अनुसार रुपये देने से इन्कार करने या विरोध करने वालों को रंगदारी, दुष्कर्म और एससी-एसटी एक्ट समेत अन्य मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
पहले भी दर्ज हैं 15 मुकदमे
पुलिस के मुताबिक महेंद्र के खिलाफ उरई, कालपी, जालौन और एट थानों में मादक पदार्थ, धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज, हत्या के प्रयास, शस्त्र अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में 15 पुराने मुकदमे दर्ज हैं। इनमें कई मामले वर्ष 1999 से 2008 के बीच के हैं। पुलिस ने बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े एक मामले में वह करीब 10 साल की सजा काट चुका है। वर्तमान में वह हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर था।
महेंद्र के खिलाफ वर्ष 2026 में शस्त्र अधिनियम और रंगदारी से संबंधित मुकदमा भी दर्ज है। शंकर और पूजा के खिलाफ पुलिस ने फिलहाल इसी रंगदारी के मुकदमे का उल्लेख किया है।
दो आरोपी अभी फरार
पुलिस के अनुसार गिरोह में शामिल यशपाल उर्फ बब्बू और शकील उर्फ रेहान अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य मामलों और जमीन के विवादों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। कोतवाल आनंद सिंह का कहना है कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
