स्ट्रेचर पर मरीज लेटी हुईं हैं… सामने मेडिसिन वार्ड का दरवाजा है लेकिन अंदर जाने के लिए बेड खाली नहीं है। परिजन कभी वार्ड की ओर देखते हैं तो कभी अस्पतालकर्मियों से बेड के बारे में पूछते हैं। मंगलवार को जिला अस्पताल में कुछ ऐसा ही नजारा रहा।

बुखार और उल्टी-दस्त से परेशान पीतलबस्ती निवासी रजनी को लेकर पहुंचे परिजन काफी देर तक वार्ड के बाहर बेड का इंतजार करते रहे। जगह नहीं मिली तो मरीज को वापस ले गए। रजनी के पति ने कहा कि जमीन पर इलाज करवा लेंगे, लेकिन दूसरे मरीज के साथ एक ही बेड पर भर्ती नहीं कराएंगे।

यह स्थिति अकेले रजनी की नहीं रही। कुछ देर बाद नागफनी निवासी इसरत जहां (45) भी बुखार की परेशानी में अस्पताल पहुंचीं। परिजन उन्हें स्ट्रेचर पर लेकर वार्ड के आसपास बेड तलाशते रहे। अलग बेड नहीं मिला तो मजबूरी में उन्हें दूसरी महिला मरीज के साथ एक ही बेड पर भर्ती कराना पड़ा।

बेड की समस्या के बीच मंगलवार को जिला अस्पताल की लिफ्ट भी बंद रही। इससे बुजुर्ग और चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को परेशानी उठानी पड़ी। वार्ड तक पहुंचने के लिए मरीजों और तीमारदारों को सीढ़ियों का सहारा लेना पड़ा। स्ट्रेचर और मरीजों को ऊपर ले जाने में भी परिजनों को परेशानी हुई।




Two patients sharing a single bed at Moradabad District Hospital; this situation has persisted for five days

मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
– फोटो : संवाद


एक बेड पर दो मरीज, पांच दिन से यही हाल

जिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में पिछले पांच दिन से बेड की यही स्थिति बनी हुई है। बुखार, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों के मरीज लगातार पहुंच रहे हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने से उपलब्ध बेड कम पड़ गए हैं। स्थिति यह है कि एक ही बेड पर दो मरीजों को भर्ती करना पड़ रहा है।

अस्पताल प्रशासन के अनुसार जिला अस्पताल में 220 बेड स्वीकृत हैं, जबकि मरीजों की जरूरत को देखते हुए 276 बेड संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद मंगलवार को भर्ती मरीजों की संख्या 280 से अधिक पहुंच गई।

वहीं स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित 10 में से नौ बेड खाली हैं इसलिए अस्पताल में 13 बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। ऐसे में नए मरीजों के लिए बेड उपलब्ध कराना अस्पताल के सामने चुनौती बना हुआ है।


Two patients sharing a single bed at Moradabad District Hospital; this situation has persisted for five days

मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
– फोटो : संवाद


महिला अस्पताल से मांगे 20 बेड, दो वार्ड तैयार होंगे

बेड का संकट दूर करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने महिला अस्पताल से 20 अतिरिक्त बेड मांगे हैं। चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि महिला अस्पताल का परिसर जिला अस्पताल से जुड़ा हुआ है। फर्स्ट फ्लोर पर 20 बेड उपलब्ध कराने के लिए महिला अस्पताल प्रबंधन से समन्वय किया गया है।

अस्पताल प्रशासन के मुताबिक बुधवार तक मरीजों के लिए दो नए वार्ड तैयार हो जाएंगे। इनके शुरू होने के बाद अतिरिक्त मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा और एक बेड पर दो मरीजों को रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी।


Two patients sharing a single bed at Moradabad District Hospital; this situation has persisted for five days

मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
– फोटो : संवाद


अस्पताल से किसी मरीज को लौटाया नहीं जा रहा है। हालांकि सभी बेड फुल हैं। महिला अस्पताल से समन्वय किया गया है। जल्द ही 20 बेड और मिल जाएंगे। बेड़ बढ़ाने के लिए हम पहले ही निदेशालय को प्रस्ताव भेज चुके हैं।  -डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, एसआईसी


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मुरादाबाद के जिला अस्पताल में भर्ती मरीज
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48 घंटे में नहीं मिला स्वाइन फ्लू का नया मरीज

मुरादाबाद जिले में स्वाइन फ्लू के नए मरीज मिलने का सिलसिला पिछले 48 घंटे से थमा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के 36 मरीजों की पुष्टि हो चुकी है। पिछले दो दिनों में कोई नया संक्रमित सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से संक्रमित मरीजों की निगरानी की जा रही है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में सामने आए स्वाइन फ्लू के अधिकांश मरीजों की जांच निजी अस्पतालों और निजी पैथोलॉजी केंद्रों में हुई है। वहीं मंडलीय जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले करीब दो दर्जन मरीजों की जांच कराई गई लेकिन इनमें से किसी की रिपोर्ट पॉजिटिव नहीं आई।




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