राजधानी लखनऊ में स्वाइन फ्लू से महिला की जान जा चुकी है। इसके अलावा 25 से अधिक मामले सामने आ चुके हैं। यह संख्या भले ही कम दिख रही हो, लेकिन असल में संक्रमित इससे ज्यादा हैं। दरअसल, स्वास्थ्य विभाग की अजब रणनीति के कारण सरकारी आंकड़े में मरीज कम दिख रहे हैं।
अब तक निजी केंद्रों पर स्वाइन फ्लू की जांच दर ही नहीं तय की जा सकी है। इसका फायदा उठाकर मरीजों से छह हजार रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इस भारी भरकम शुल्क के कारण सभी लोग जांच कराने से बच रहे हैं, जिससे स्वाइन फ्लू के मरीजों का आंकड़ा भी कम दिख रहा है।
