कालपी चौराहे पर फल की ठेली लगाने वाले राजकुमार निषाद (40) की मौत के बाद सोमवार को परिजनों ने शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। स्टेट हाईवे-91 पर लगे जाम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच कर गोली चलाने वाले की पहचान करने, दोषी के खिलाफ कार्रवाई, परिवार के एक सदस्य को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग की। मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी परिजनों को समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन खबर लिखे जाने तक जाम नहीं खुला था।

मृतक के चचेरे भाई सुनील कुमार ने बताया कि 16 अक्टूबर की शाम करीब 5:30 बजे राजकुमार कालपी चौराहे पर अपनी फल की ठेली पर बैठे थे। उनकी मां राजकुमारी भी पास में ठेली लगाए थीं। इसी दौरान राजकुमार अचानक नीचे गिर पड़े। शुरुआत में परिजनों को लगा कि उन्हें चक्कर आया है या गिरने से चोट लगी है। उन्हें हमीरपुर के जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान 18 अक्टूबर को उनकी मौत हो गई।

उन्होंने बताया कि कानपुर में उपचार के दौरान जांच में सिर में गोली होने की जानकारी मिली। पोस्टमार्टम में भी गोली लगने की पुष्टि हुई। घटना के समय आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन गोली किसने और किन परिस्थितियों में चलाई, इसकी जानकारी परिवार को नहीं है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच कर गोली चलाने वाले की पहचान और उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

परिजनों ने बताया कि राजकुमार करीब 20 वर्षों से कालपी चौराहे पर फल की ठेली लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी पत्नी सरोज और चार बच्चे हैं। उनकी मौत से परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इसी को लेकर परिजनों ने परिवार के एक सदस्य को नौकरी और आर्थिक सहायता देने की मांग की।

सोमवार को शव हमीरपुर पहुंचने के बाद परिजन उसे कालपी चौराहे पर ले गए और सड़क पर रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीएम अभिषेक कुमार और सीओ यशपाल ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और जाम नहीं खुला था।

एएसपी अरविंद कुमार ने बताया कि उपचार के दौरान कराए गए सीटी स्कैन में मेटैलिक सब्सटेंस की जानकारी मिलने के बाद पैनल गठित कर पोस्टमार्टम कराया गया, जिसमें बुलेट की पुष्टि हुई। घटना के समय गोली चलने या गोली लगने की सूचना स्थानीय थाने को नहीं मिली थी। परिजनों से शिकायत मिलने पर अभियोग पंजीकृत कर नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी।



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