आगरा-कानपुर नेशनल हाईवे पर सफर करना अब लोगों के लिए जिंदगी और मौत का खेल बन गया है। हाईवे के किनारे बेतरतीब ढंग से खड़े डंपर और ट्रक जिंदगियों के लिए काल साबित हो रहे हैं। आंकड़ों पर नजर डालें तो एक साल में इन खड़े वाहनों से टकराकर 186 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 256 लोग गंभीर रूप से घायल चुके हैं। इसके बावजूद धड़ल्ले से हाईवे को डंपर स्टैंड बना दिया गया है और जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं।



मौत का ब्लैक स्पॉट बना पांच किमी का दायरा


हाईवे पर मलाजनी से लेकर इकदिल के बीच का पांच किलोमीटर का दायरा सबसे खतरनाक हो चुका है। इस सीमित क्षेत्र में हर समय 100 से अधिक डंपर और ट्रक अवैध रूप से खड़े रहते हैं। रात के अंधेरे में स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इन खड़े वाहनों में न तो कोई रिफ्लेक्टर होता है और न ही इंडिकेटर जलते हैं। तेज रफ्तार में आने वाले दोपहिया और चार पहिया वाहन चालक सीधे इन डंपरों के पीछे जा घुसते हैं, जिससे मौके पर ही मौत हो जाती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।



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