हाथरस के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महौ से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। फेसबुक पर वायरल हुई फोन पर बातचीत की ऑडियो में सीएचसी का कर्मचारी एक झोलाछाप को महीनादारी देने के लिए धमका रहा है। जवाब में झोलाछाप कह रहा है कि वह पिछले महीने ही साहब से मिलकर आया है और सात हजार रुपये दिए हैं। कर्मचारी उसे बार-बार बुला रहा है और झोलाछाप आने से इन्कार कर रहा है।
ऑडियो में सीएचसी का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी फोन मिलाता है और कथित झोलाछाप से कहता है कि वह महौ अस्पताल से बात कर रहा है। इसके बाद वह पूछताछ है कि वे कितनी देर में अस्पताल आ रहे हैं। झोलाछाप साफ इन्कार कर देता है कि वह आज नहीं आ पाएगा। इस पर कर्मचारी कहता है कि बॉस से बात कर लो। कर्मचारी के पीछे बॉस की आवाज आती है कि उससे कह दो एफआईआर करने जा रहे हैं।
झोलाछाप जवाब देता है कि अब क्यों एफआईआर करने जा रहे हैं, वह अभी तो डॉक्टर से मिलकर आया था। कर्मचारी कहता है कि डॉक्टर साहब के पास शिकायत रखी है। झोलाछाप कहता है कि रोज शिकायत हो रही हैं, अब किसने शिकायत कर दी। इस बात पर दोनों बहस होती है, पर कर्मचारी शिकायतकर्ता का नाम नहीं बताता।
झोलाछाप फिर दोहराता है कि तुम्हारे सामने ही वह डॉक्टर से मिलकर सात हजार रुपये देकर आया था। उसने बच्चों की बीमारी का भी हवाला दिया। इस बात को एक महीना भी नहीं हुआ। कर्मचारी कहता है कि उसे नहीं पता, डॉक्टर बुला रहे हैं। झोलाछाप के मना करने पर पीछे से आवाज आती है ठीक है और फिर कर्मचारी भी ठीक है-ठीक है बोलकर फोन रख देता है। इस मामले में शक की सुई शीर्ष अधिकारियों पर भी घूम रही है।
