लखनऊ। सरोजनीनगर के चिल्लावां निवासी कारोबारी शराफत अली ने तीन लोगों पर मंत्री कोटे से पेट्रोल पंप लगवाने का झांसा देकर 62.24 लाख रुपये ठगने का आरोप लगाया है। जालसाजों ने खुद को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अधिकारी बताया था। रुपये देने के बाद भी पंप नहीं लगने पर पीड़ित ने संपर्क किया तो आरोपियों ने कॉल रिसीव करना बंद कर दिया। एसीपी कृष्णानगर विकास पांडेय के आदेश पर कृष्णानगर थाने में केस दर्ज किया गया है।

शराफत अली सिद्दीकी के मुताबिक कुछ साल पहले एक जमीन खरीदने के दौरान बिजनौर के रहीमाबाद निवासी रामनरेश यादव से परिचय हुआ था। इसी दौरान वर्ष 2019 में आरोपी ने उन्हें हरदोई रोड स्थित जमीन पर पेट्रोल पंप शुरू करने की सलाह दी। बताया कि उसके परिचित इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन में हैं। उनके माध्यम से पेट्रोल पंप शुरू हो जाएगा। जाल में फंसाकर रामनरेश उन्हें दिल्ली ले गया। वहां उनकी मुलाकात कौशल किशोर और प्रफुल्ल चंद्र मोहन मिश्र से कराई। दोनों ने बातचीत में खुद को इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन का अधिकारी बताया। आरोपियों ने मंत्री कोटे से पंप लगवाने का झांसा देते हुए प्रोसेस बताया। आरोपियों के कहने पर पीड़ित ने जमीन के पेपर व इंडियन ऑयल का फार्म भरकर दिया। इसके बाद पीड़ित से कई मदों के नाम पर नकद व ऑनलाइन 62,64,500 रुपये लिए गए। पीड़ित का कहना है कि कई बार दिल्ली आने-जाने में लाखों रुपये खर्च हुए, लेकिन अभी तक पेट्रोल टंकी लगवाने का काम शुरू नहीं हुआ।

आरोपी रामनरेश के घर पर हुआ था लेनदेन

62.64 लाख की धोखाधड़ी का एहसास होने पर पीड़ित ने एसीपी कृष्णानगर से मुलाकात कर शिकायत की। बताया कि आरोपी से रुपये का लेनदेन रामनरेश के घर सूर्या होटल के पास मेहरा हॉस्पिटल के पीछे हुआ था। एसीपी कृष्णानगर विकास पांडेय ने बताया कि कृष्णानगर पुलिस ने राम नरेश यादव, कौशल किशोर व प्रफुल्ल चंद्र मिश्र के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।



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