इटावा। ताखा की ग्राम पंचायत सरसईनावर में सरकारी राशन की बंदरबांट और कालाबाजारी का खेल उजागर हुआ है । राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न न देने और दुकान बंद कर गायब रहने के आरोप में कोटेदार के खिलाफ गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूर्ति निरीक्षक की जांच में कोटेदार के यहां से 62 क्विंटल गेहूं व 120 क्विंटल चावल गायब मिला था।
पूर्ति निरीक्षक सुरजीत सिंह ने क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान उचित दर दुकान को बिना सूचना बंद पाया। ग्रामीणों ने लिखित बयानों में आरोप लगाया कि कोटेदार ने मई का राशन वितरित नहीं किया गया है। बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद कोटेदार ने कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया और अपना फोन भी बंद कर लिया।
छह मई को एसडीएम ताखा के निर्देश पर तहसीलदार की मौजूदगी में जब दुकान का ताला तोड़ा गया तो वहां स्टॉक रजिस्टर के मुकाबले खाद्यान्न नहीं मिला। रिकॉर्ड के अनुसार दुकान पर लगभग 62.21 क्विंटल गेहूं, 120.74 क्विंटल चावल और अन्य सामग्री होनी चाहिए थी लेकिन मौके पर मात्र 10 किलो गेहूं और 30 किलो चावल ही पाया गया।
पूर्ति निरीक्षक सुरजीत सिंह की तहरीर पर थाना ऊसराहार में आरोपी कोटेदार भुवनेश कुमार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है । पुलिस ने मामले की जांच एसआई धीरेंद्र कुमार को सौंपी है। पुलिस ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है।
