अमर उजाला ब्यूरो

झांसी। रक्सा के इमलिया गांव निवासी युवक के खाते में बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) से मिला मुआवजा नए विवाद की जड़ बन गया है। पांच साल से अपने जीजा के साथ रह रही उसकी पत्नी दोबारा उसके पास लौट आई है। उसने अब 50 लाख के मुआवजे में हिस्सेदारी की मांग की है। दोनों के बीच विवाद होने पर महिला ने रक्शा थाना पुलिस से गुहार लगाई है। थाने में पुलिस ने रविवार और सोमवार को कई घंटे पंचायत की लेकिन कोई निष्कर्ष नहीं निकला। पति पैसा न देने पर अड़ा है वहीं, पत्नी पैसा न मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कह रही है।

इमलिया गांव निवासी सुरेंद्र अहिरवार की शादी दस साल पहले निवाड़ी (मध्य प्रदेश) के भोपालपुरा गांव निवासी युवती से हुई थी। उन दोनों ने अछरू माता मंदिर में एक विवाह सम्मेलन के दौरान विवाह रचाया था। कुछ साल बाद दंपती को एक बेटा हुआ। सुरेंद्र का कहना है कि कई साल तक दांपत्य जीवन ठीक रहा लेकिन 2020 में पत्नी अपने जीजा के करीब आ गई और एक दिन अचानक उसे छोड़कर बेटे को लेकर उसके साथ जाकर रहने लगी। करीब दो साल तक उसने पत्नी का इंतजार किया। काफी चिरौरी करने पर भी जब वह नहीं लौटी तब 2022 में उसने भी नरी गांव निवासी युवती से दूसरा ब्याह रचा लिया। इधर, कुछ साल पहले बीडा में इमलिया गांव की जमीन चली गई। इसके एवज में परिवार को करीब 50 लाख का मुआवजा मिला। कुछ माह पहले उसके खाते में 20 लाख रुपये आए।

इसका पता चलने पर पहली पत्नी शुक्रवार को उसके घर आ धमकी। वह भी मुआवजे की रकम में हिस्सेदारी मांगने लगी। पत्नी आठ लाख रुपये बेटे के नाम से बैंक में जमा कराने को कह रही है जबकि सुरेंद्र की उसकी दूसरी पत्नी यह पैसा देने को राजी नहीं। इस बात को लेकर परिवार में रविवार को जमकर विवाद हुआ। हंगामे के बाद सभी पक्ष रक्सा थाने जा पहुंचे। यहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी बात पर अड़े रहे। पुलिस कर्मियों ने बीच का रास्ता निकालने की बात समझायी। कई घंटे पंचायत के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। अब इस मामले की पूरे गांव में जमकर चर्चा हो रही है। थानाध्यक्ष रूपेश कुमार का कहना है कि दंपती के बीच कानूनी विवाद चल रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद ही आगे कार्रवाई की जा सकती है।

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मुआवजे से बदलने लगी रिश्तों की तस्वीर

बीडा में भूमि अधिग्रहण के मुआवजे की राशि जारी होने के बाद कई गांवों में सिर्फ आर्थिक हालात ही नहीं बदले, बल्कि रिश्तों की तस्वीर भी अचानक बदलने लगी है। कुछ महीने पहले भी एक ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसमें अमरपुर गांव निवासी युवक ने पत्नी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। जब मुआवजे के तौर पर उसके खाते में पैसा आया तब पत्नी अपने प्रेमी को छोड़कर लौट आई। वह अब पत्नी को साथ रखने को राजी नहीं हो रहा है। इसी तरह कई अन्य मामले भी सामने आ चुके। वहीं कई गांवों में चर्चा है कि मुआवजा मनमुटाव खत्म करने का माध्यम बन गया है। कई परिवारों में सालों से बंद पड़ी बातचीत फिर शुरू हो गई है।



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