After the death of Mulayam Singh today is a big test for Akhilesh, everyones eyes on Subrata's success

कन्नौज लोकसभा चुनाव
– फोटो : अमर उजाला

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जिस पिता ने अब से 24 साल पहले कन्नौज शहर के बोर्डिंग ग्राउंड की सभा में हाथ उठाकर अखिलेश यादव को नेता बनाने की अपील की थी, वह इस बार नहीं हैं। उनके निधन के बाद फिर से कन्नौज से अपनी दूसरी सियासी पारी का आगाज करने के लिए किस्मत आजमा रहे सपा मुखिया अखिलेश यादव को आज अग्नि परीक्षा से गुजरना होगा।

उन्हें न सिर्फ खुद की सीट पर पार्टी को कामयाब बनाने की जिम्मेदारी है, बल्कि परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ ही पार्टी को भी कामयाब बनाना है। मंगलवार को आने वाले चुनावी नतीजे अखिलेश यादव की उम्मीदवारी के साथ ही पार्टी मुखिया के कद को भी तय करेंगे। सभी की निगाहें उन पर लगी होंगी।



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