जालौन/सिरसाकलार/आटा। मंगलवार रात आई आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी से राहत तो दी, लेकिन इससे बिजली व्यवस्था चरमरा गई। जालौन, आटा और सिरसाकलार क्षेत्र में तेज हवा के चलते बिजली लाइनों और केबलों में आई खराबी से हजारों उपभोक्ताओं को घंटों अंधेरे में रहना पड़ा। कहीं पांच से छह घंटे तक बिजली गुल रही तो पांच गांवों में पूरे 24 घंटे बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
जालौन नगर में रात करीब साढ़े दस बजे बिजली आपूर्ति अचानक ठप हो गई। गर्मी और उमस के बीच पंखे, कूलर और अन्य उपकरण बंद होने से लोगों की रात बेचैनी में गुजरी। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोग देर रात तक घरों की छतों और गलियों में टहलते नजर आए। करीब पांच घंटे बाद सुबह साढ़े तीन बजे बिजली बहाल हो सकी।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आंधी या बारिश में भी नगर की बिजली व्यवस्था चरमरा जाती है। जेई नवीन कंजौलिया ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण केबल में आग लगने से आपूर्ति बाधित हुई थी।
उधर, सिरसाकलार क्षेत्र के जगतपुरा फीडर से जुड़े हथना खुर्द, पीपरी, ऊड़, गुपलापुर और मऊ गांवों में स्थिति और गंभीर रही। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे तेज आंधी के दौरान हाईटेंशन लाइन के तार उतर गए, जिससे करीब छह हजार की आबादी बिना बिजली के हो गई। लोगों को रातभर गर्मी और मच्छरों से जूझना पड़ा। इनवर्टर जवाब दे गए और मोबाइल फोन भी डिस्चार्ज हो गए। सुबह पेयजल संकट खड़ा हो गया और लोगों को हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ा।
ग्रामीणों का कहना था कि भीषण गर्मी में बिजली न होने से घर भट्ठी की तरह तपने लगे थे। लगभग 24 घंटे बाद बुधवार दोपहर दो बजे आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। जगतपुरा विद्युत उपकेंद्र के जेई रमाकांत वर्मा ने बताया कि आंधी से बड़ी लाइन प्रभावित हो गई थी, जिसकी मरम्मत के बाद आपूर्ति सामान्य कर दी गई।
आटा कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी मौसम बदलते ही बिजली व्यवस्था चरमरा गई। मंगलवार रात साढ़े नौ बजे तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बीच बिजली आपूर्ति बंद हो गई। करीब छह घंटे तक क्षेत्र अंधेरे में डूबा रहा। ग्रामीणों के अनुसार रातभर उमस और अंधेरे के कारण लोगों की नींद प्रभावित रही। बुधवार तड़के करीब तीन बजे बिजली बहाल हो सकी। हालांकि मौसम में आई ठंडक ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर पहुंचाई।
लोगों का कहना है कि हर बार आंधी या बारिश के दौरान बिजली व्यवस्था ठप हो जाती है, जबकि गर्मी के इस मौसम में निर्बाध आपूर्ति सबसे बड़ी जरूरत बनी हुई है। इस संबंध में जेई नवनीत अग्रवाल ने बताया कि सूचना पर टीम भेजी गई थी, फॉल्ट ठीक करा दिया गया है।
