– दो रोगियों में डेंगू की पुष्टि के साथ 14 दिन में आंकड़ा पहुंचा 40
फोटो….
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महानगर में फिर से डेंगू, मलेरिया व वायरल बुखार के रोगी बढ़ने लगे हैं। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में बुखार के करीब 40 रोगी भर्ती किए गए। मेडिसिन की ओपीडी में 436 रोगी आए, जिनमें करीब 50 फीसदी बुखार के रहे। वहीं, दो रोगियों में डेंगू की पुष्टि होने से आंकड़ा 103 पहुंच गया है।
मेडिकल कॉलेज के अनुसार सोमवार को सभी विभागों की ओपीडी में 3052 रोगी उपचार के लिए आए जिनमें 436 मेडिसिन विभाग के थे। डॉक्टरों का कहना है कि ओपीडी में आने वाले कई रोगियों में डेंगू व मलेरिया के लक्षण मिले। चूंकि हालात सामान्य रहे, इसलिए दवा दे दी गई। जिनकी संख्या चिंताजनक थी, उन्हें भर्ती करके उपचार किया गया। जिसकी वजह से मेडिसिन वार्ड के सभी बेड फुल हैं। सोमवार को 10 रोगियों की जांच हुई जिनमें से दो में डेंगू की पुष्टि हुई। इससे अब तक मिले रोगियों का आंकड़ा 103 पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 15 सितंबर को डेंगू के मामले में झांसी प्रदेश में सातवें स्थान पर था।
14 दिन में मिले 39 डेंगू रोगी
मलेरिया विभाग के आंकड़ों के अनुसार अक्तूबर माह में 14 दिन के अंदर 39 रोगी मिल गए हैं। वर्ष 2023 के अक्तूबर माह में कुल 37 रोगी मिले थे।
ये हैं डेंगू के लक्षण
डाॅ. जकी सिद्दीकी के अनुसार सर्दी लगने के बाद तेज बुखार आता है। कमर व पैरों में तेज दर्द, कमजोरी होना। पेट दर्द, उल्टी आना। जब प्लेटलेट्स कम होती है तो ब्लड प्रेशर कम होने लगता है। सांस लेने में दिक्कत होती है। नसों में सुन्नता होने लगती है। धड़कन कम होने से हार्ट अटैक भी हो सकता है।
0- ये नहीं करें
यदि आपको डेंगू की पुष्टि हो गई है तो निम्युस्लाइड समेत दर्द की कोई दवा नहीं खाएं। किसी भी तरह की एंटीबायोटिक दवा नहीं लें। ऐसा करने से प्लेटलेट्स तेजी से गिरती है जो खतरनाक हो सकता है।
0- ये करें तो तेजी से नहीं गिरेगी प्लेटलेट्स
डॉक्टरों का कहना है कि डेंगू की पुष्टि होने के बाद तरल पदार्थ का ज्यादा से ज्यादा सेवन करें। ओआरएस समय-समय पर लेते रहें। खाने में कीवी, नारियल पानी, बकरी का दूध आदि का सेवन करते रहें।
0- आयुर्वेद के ये नुस्खे भी हैं कारगर
आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. कृपाराम के अनुसार डेंगू होने पर पपीते के पत्तों को पीसकर रस पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ती हैं। अब इसके रस की गोलियों के रूप में दवा बाजार में भी आ गई है, जिसका नाम आरोग्य वाधिनी वटी है। तेज बुखार होने पर संजीवनी वटी भी ले सकते हैं।
