आगरा के दूसरे सबसे बड़े ईदगाह रेलवे स्टेशन पर सफाईकर्मियों की हड़ताल सोमवार को आठवें दिन भी जारी रही। तीन माह से वेतन नहीं मिलने और बजट के अभाव में वेतन बिल पास न होने से सफाईकर्मियों ने काम बंद कर रखा है। हड़ताल के चलते स्टेशन परिसर में जगह-जगह कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार, सर्कुलेटिंग एरिया, सभी चार प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज की सीढ़ियां तथा सेकेंड क्लास वेटिंग रूम में कूड़ा, पॉलीथिन, खाने की प्लेटें, दोने, नैपकिन, पानी की बोतलें और अन्य कचरा बिखरा पड़ा है। बदबू के कारण यात्री नाक-मुंह ढककर निकलने को मजबूर हैं। प्लेटफॉर्म पर गंदगी इतनी अधिक है कि यात्रियों का बैठना भी मुश्किल हो गया है।
ईदगाह स्टेशन से प्रतिदिन अमृत भारत, मरुधर, अवध, जियारत, अनन्या, गरबा, पारसनाथ, जोधपुर-हावड़ा, बीकानेर-हावड़ा, जनसाधारण, हल्दीघाटी और अजमेर-आगरा फोर्ट इंटरसिटी समेत करीब 46 ट्रेनों का संचालन होता है। ऐसे में प्रतिदिन आने-जाने वाले सैकड़ों यात्रियों को गंदगी और दुर्गंध के बीच सफर करना पड़ रहा है।
आगरा रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी संजय कुमार गौतम ने बताया कि मामले के समाधान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सफाईकर्मियों के लंबित भुगतान की व्यवस्था इंप्रेस के माध्यम से कराई जाएगी। आगरा मंडल में आगरा कैंट और आगरा फोर्ट स्टेशन की सफाई व्यवस्था का जिम्मा मैकेनिकल विभाग के पास है, जबकि ईदगाह जंक्शन, राजामंडी, यमुना ब्रिज और सिटी स्टेशन की जिम्मेदारी पहले कमर्शियल विभाग संभालता था।
बाद में यह जिम्मेदारी ऑपरेटिंग विभाग को सौंप दी गई। कर्मचारियों का कहना है कि व्यवस्था बदलने के बाद से सफाई कार्य प्रभावित हुआ है। मई माह से अब तक सफाईकर्मियों को वेतन का भुगतान नहीं मिल सका है, जिसके चलते यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
