आगरा के केंद्रीय हिंदी संस्थान के प्रोफेसर और उनकी पत्नी पर नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर रुपये लेने का आरोप लगा है। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सुरेश चंद्र शर्मा ने न्यायालय में प्रार्थनापत्र दिया था। न्यायालय के आदेश पर थाना हरीपर्वत पुलिस प्राथमिकी दर्ज कर जांच कर रही है।


सुरेश चंद्र ने बताया कि डॉ. एचएस सोलंकी पहले विश्वविद्यालय में प्रोफेसर थे और बाद में केंद्रीय हिंदी संस्थान में नियुक्त हो गए। इसी दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि पीड़ित के बच्चों को केंद्रीय हिंदी संस्थान में नौकरी दिलवा देंगे। इसके लिए प्रति बच्चे 5 लाख रुपये की मांग की। विश्वास में आकर उन्होंने कई बार में 5 लाख रुपये प्रोफेसर की पत्नी विमला देवी के खाते में जमा किए। इसके अलावा 1 लाख रुपये नकद डॉ. सोलंकी को दिए।

रकम लेने के बाद आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लगातार टालमटोल करते रहे। आरापियों ने न तो नौकरी दिलाई और न ही रुपये वापस किए। पीड़ित ने यह रकम ब्याज पर लेकर दी थी। थाना प्रभारी ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है। वहीं पूरे प्रकरण पर प्रोफेसर एचएस सोलंकी का कहना है कि उनका दूसरे पक्ष से समझौता हो गया है। दूसरे पक्ष ने मामले में शपथपत्र भी दे दिया है।

 



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