आगरा। रक्षाबंधन पर सलाखों के पीछे बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए बहनें सुबह से ही जिला और केंद्रीय कारागार के गेट पर पहुंच गईं। जिला कारागार में इन बहनों को पहले नाश्ते में चाय और पकोड़े दिए गए, फिर मुलाकात कराई गई। भाइयों को सामने देख उनकी आंखों में आंसू आ गए। राखी बांधकर उन्होंने भाइयों से वचन लिया कि अब वो बाहर आने के बाद गलत रास्ते को छोड़कर सही रास्ता चुनेंगे।
जेल अधीक्षक हरीओम शर्मा ने बताया कि 1281 बहनों ने 720 बंदियों को राखी बांधी। उनके साथ 500 बच्चे भी थे। शाम चार बजे तक आठ पालियों में मुलाकात कराई गई। सुबह सात से नौ बजे के बीच आसपास के क्षेत्रों से आने वाले लोगों की संख्या अधिक रही। स्थानीय महिलाएं सुबह दस बजे के बाद पहुंची। मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर टेंट में चाय और पकौड़े की व्यवस्था की गई थी।
केंद्रीय कारागार में 585 बहनों ने 341 बंदियों को राखी बांधी। यहां पर मथुरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, मैनपुरी, हाथरस, सादाबाद समेत अन्य राज्य की महिलाएं आईं। जेल प्रशासन ने मुख्य द्वार पर टेंट लगाकर मुलाकात की पर्ची बनवाने की व्यवस्था की थी। कई महिलाएं भाइयों के लिए घर से पकवान लेकर आई थीं। जेलर संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि 341 बंदियों ने 585 महिलाओं और 377 बच्चों ने मुलाकात की। जेल परिसर के अंदर पैक्ड मिठाई ही ले जाने दी गई।
