आगरा में सदर सहित जिले की पांच तहसीलों में शनिवार को भी बैनामे नहीं हुए। ई-रजिस्ट्री के विरोध में अधिवक्ताओं और दस्तावेज लेखकों ने प्रदेश सरकार की बुद्धि-शुद्धि के लिए यज्ञ किया और मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का एलान किया।
तहसील बार एसोसिएशन सदर के अध्यक्ष शंभूनाथ वर्मा और महासचिव अरविंद कुमार दुबे के नेतृत्व में अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टांप वेंडर 19 जून से ही कार्य बहिष्कार कर हड़ताल पर हैं। उनका यह विरोध 4 जून को शुरू की गई ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया के खिलाफ है। शनिवार को इस आंदोलन को और बल मिला जब पूर्व राज्यमंत्री देवेंद्र कुमार उर्फ चिल्लू भाई, सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर अब्बास, जिलाध्यक्ष ऊदल सिंह कुशवाहा सहित कई राजनीतिक पदाधिकारियों ने धरना स्थल पर पहुंचकर अपना समर्थन दिया। आंदोलनकारियों ने सुबह प्रभातफेरी निकाली और तहसील दिवस के अवसर पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद दोपहर 1 से 2 बजे तक प्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए तहसील परिसर में बुद्धि-शुद्धि यज्ञ किया।
महासचिव अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि तहसील में न्यायिक और निबंधन कार्य पूरी तरह ठप रहा। जब तक ई-रजिस्ट्रेशन के मुद्दे पर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, यह अनिश्चितकालीन बहिष्कार जारी रहेगा। इस दौरान दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राम उपाध्याय, एडवोकेट हरजीत अरोड़ा, लाल बहादुर राजपूत, राजीव उपाध्याय, मुकेश गुप्ता सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्टांप वेंडर मौजूद रहे।
