आगरा। दयालबाग क्षेत्र में बैंक अधिकारी बनकर साइबर ठग ने एक बुजुर्ग को शिकार बनाया। फोन कॉल काट देने पर व्हाट्सएप पर संदिग्ध संदेश भेजकर मोबाइल हैक कर लिया। इसके बाद उनकी बेटी के नाम कराई गई एफडी (फिक्सड डिपॉजिट) को तोड़कर पांच लाख रुपये उड़ा लिए। पीड़ित की शिकायत पर न्यू आगरा पुलिस व साइबर सेल संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हैं।

दयालबाग के तुलसी बाग निवासी बुजुर्ग दुर्गेश प्रताप सिंह के पास 20 सितंबर की शाम एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को यूको बैंक का अधिकारी बताया। पेंशन प्लान का झांसा देकर बुजुर्ग से उनकी निजी जानकारियां हासिल करने की कोशिश की। हालांकि, सतर्कता बरतते हुए दुर्गेश प्रताप ने कुछ ही देर में कॉल काट दी। शातिर ने अपनी चाल बदलते हुए उसी नंबर से उनके व्हाट्सएप पर कुछ संदिग्ध संदेश भेजे। जैसे ही बुजुर्ग ने उन संदेशों पर क्लिक किया, वे खुले नहीं और कुछ ही देर में स्वतः डिलीट (गायब) हो गए।

यहीं से उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसकी भनक बुजुर्ग को नहीं लग पाई। रात करीब 11 बजे दुर्गेश प्रताप के मोबाइल पर नेट बैंकिंग के एक्टिवेट होने या ट्रांजैक्शन से जुड़ा एक संदेश आया, लेकिन नींद में होने के कारण वह उस पर ध्यान नहीं दे सके। अगली सुबह करीब पांच बजे उनके मोबाइल पर एक और संदेश आया, जिसे देख उनके होश उड़ गए। यह संदेश उनकी उस एफडी के टूटने का था, जिसे उन्होंने अपनी बेटी के नाम कराया था। शातिर ठग ने दो बार में कुल पांच लाख रुपये अपने अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए। वह घबराए हुए बैंक पहुंचे, वहां बताया गया कि साइबर ठगी हो गई है।

वर्जन:

पुलिस पूरे प्रकरण की तकनीकी जांच कर रही है। जिन-जिन बैंक खातों में ठगी की यह रकम ट्रांसफर हुई है, उनकी डिटेल खंगाली जा रही है। साथ ही, जिस मोबाइल नंबर से ठग ने कॉल और व्हाट्सएप संदेश भेजे थे, उसके धारक की पहचान के लिए सर्विलांस की मदद ली जा रही है। – आदित्य सिंह, डीसीपी क्राइम



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