आगरा। सहकारिता विभाग में कर्मचारियों की कमी के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिले की 100 सक्रिय सहकारी समितियों में से प्रतिदिन केवल 40 ही खुल पा रही हैं। इससे किसानों को समय पर खाद नहीं मिल रहा और उन्हें लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है।
जिले में कुल 92 कर्मचारी तैनात हैं, जिनमें सचिव, सहायक आंकिक और चपरासी हैं। इनमें से कैडर सचिवों की संख्या 28 है लेकिन दो निलंबित हैं और एक कार्य पर नहीं है। इस प्रकार, केवल 25 सचिव ही कार्यरत हैं। करीब 15 सहायक आंकिकों को प्रभारी सचिव का कार्यभार दिया गया है। कुल 40 कर्मचारी ही सभी समितियों को खोलने और खाद वितरण के लिए जिम्मेदार हैं।
प्रशासन ने रबी के सीजन में समितियों को प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक खोलने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, पॉस मशीन लॉग आईडी की कमी के कारण केवल 40 समितियों पर ही खाद वितरण संभव है। यह स्थिति किसानों के बीच विवादों का कारण भी बन रही है।
अधिकारियों के पदों पर भी कमी
जिले में छह तहसीलें हैं, जहां प्रत्येक पर एक अपर जिला सहकारी अधिकारी का पद सृजित है। इन छह पदों में से मात्र दो अधिकारियों की ही तैनाती है। इसी तरह, जिले में 15 ब्लॉक हैं। सहायक विकास अधिकारी सहकारिता के 18 पद सृजित हैं, जिनमें से केवल तीन ही कार्यरत हैं।
वर्जन :
– 100 समितियों पर कुल 28 सचिव हैं, जिनमें से तीन कार्य पर नहीं हैं। 15 सहायक आंकिकों को प्रभारी बनाया गया है। इसके बावजूद, सभी समितियों को हर रोज खोलना संभव नहीं है। – सतीश कुमार, एआर, सहकारिता विभाग
