अलीगढ़ के क्वार्सी थाने में पुलिस को रिश्वत देकर हत्या के मुकदमे से अपने परिजनों का नाम निकलवाने की कोशिश कर रहे एक युवक को पुलिस ने रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी युवक क्वार्सी थाना प्रभारी को दो लाख रुपये देने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम और एक मोबाइल फोन बरामद कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया है।
8 मार्च को शहंशाहबाद नाला रोड पर दुकान के सामने कपड़े टांगने को लेकर शाकिब नाम के एक युवक का उसके पड़ोसी दुकानदार से विवाद हो गया था। इस झगड़े में हमलावरों ने शाकिब के सिर पर डंडे से जोरदार वार कर दिया था, जिससे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस हत्याकांड में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सद्दाम, बबन और रहीश कदीर को गिरफ्तार कर पहले ही जेल भेज दिया था। मामले में नामजद अकील और उसका पिता मुंशी खां लगातार फरार चल रहे थे।
शुक्रवार को अकील का भाई कफील एक सफेद रंग के थैले में दो लाख रुपये कैश और मुकदमे से जुड़े दस्तावेज लेकर क्वार्सी थाने पहुंचा। वह काफी देर तक थाने परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में इधर-उधर घूमता रहा। इसके बाद वह सीधे मामले की विवेचना कर रहे थाना प्रभारी अरुण कुमार के केबिन में घुस गया। कफील ने इंस्पेक्टर से अपने पिता मुंशी खां और भाई अकील का नाम केस से हटाने की मिन्नतें शुरू कर दीं।
जब थाना प्रभारी ने इन्कार किया तो कफील ने थैले से रुपये निकालकर उन्हें देने की कोशिश की। इंस्पेक्टर अरुण कुमार ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत पुलिसकर्मियों को आवाज दी और आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। थाना प्रभारी अरुण कुमार ने बताया कि आरोपी कफील के पास से दो लाख रुपये की नकदी और एक मोबाइल बरामद किया गया है। पुलिस ने सरकारी अधिकारी को रिश्वत देने और जांच को प्रभावित करने के आरोप में केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया है।
