{“_id”:”682b6798389a986ca2074012″,”slug”:”aligarh-roadways-drivers-and-conductors-on-strike-2025-05-19″,”type”:”feature-story”,”status”:”publish”,”title_hn”:”चक्का जाम: अलीगढ़ में रोडवेज के चालक-परिचालकों की हड़ताल, खड़ीं हो गईं 150 बसें, नोएडा पुलिस पर लगाए यह आरोप”,”category”:{“title”:”City & states”,”title_hn”:”शहर और राज्य”,”slug”:”city-and-states”}}
अलीगढ़ में रोडवेज बस चालक और परिचालकों ने हड़ताल कर दी। रोडवेज बस स्टैंड के पास वर्कशॉप पर सभी इकट्ठा हुए और गेट पर ही धरना देकर बैठ गए। इन लोगों ने बस स्टैंड से भी बसों को नहीं निकलने दिया। अगरा, मथुरा, मुरादाबाद, कानपुर, बरेली, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और लखनऊ के लिए दिन भर बसों का संचालन ठप रहा।
सारसौल रोडवेज वर्कशॉप पर हडताल के दौरान खड़ी रोडवेज बस – फोटो : संवाद
विस्तार
नोएडा में 18 मई शाम सेक्टर 37 में एक चौराहे पर सवारी बैठाने को लेकर निजी बस संचालकों ने रोडवेज बुद्ध विहार डिपो की बस के चालक अशोक व परिचालक नितिन संग मारपीट कर दी थी। इससे गुस्साए चालक-परिचालक 19 मई को अलीगढ़ में हड़ताल पर चले गए। न वर्कशॉप से बसें निकलने दीं और न ही बस अड्डे से बाहर आने दीं। 150 बसों को खड़ा कर दिया। अफसरों ने समझाने के प्रयास किए मगर हमलावरों की गिरफ्तारी और पर्याप्त सुरक्षा न मिलने तक काम पर लौटने से साफ इंकार कर दिया। देर शाम तक बसें खड़ी रहीं।
Trending Videos
19 मई की सुबह पांच बजे हड़ताल का एलान कर दिया गया था। रोडवेज बस स्टैंड के पास वर्कशॉप पर सभी इकट्ठा हुए और गेट पर ही धरना देकर बैठ गए। इन लोगों ने बस स्टैंड से भी बसों को नहीं निकलने दिया। हड़ताली कर्मियों का कहना था कि जब तक मारपीट करने वाले पकड़े नहीं जाएंगे वह काम पर नहीं लौटेंगे। बुद्ध विहार डिपो की बस के चालक अशोक व परिचालक नितिन ने कहा कि वह बस लेकर अलीगढ़ आ रहे थे। सेक्टर 37 के चौराहे पर सवारियों के लिए बस को रोका। इसी दौरान यहां मौजूद बस निजी बस संचालकों ने उन पर हमला बोल दिया।
खास बात यह है कि यह सब पुलिस वालों की मौजूदगी में हुआ। जब वह तहरीर लेकर पहुंचे तो वहां पुलिस वालों ने उन्हें डरा धमकाकर समझौता भी लिखवा लिया। इनका आरोप था कि नोएडा पुलिस निजी बस चालकों को संरक्षण दे रही है। जबकि बसों में लोड फैक्टर कम होने पर रोडवेज अफसर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के साथ ही वेतन कटाैती समेत अन्य कार्रवाई करते हैं। पुलिस बसों के चालान की कार्रवाई करती है इसे रोका जाए। क्योंकि उन्हें अपने वेतन से चालान का भुगतान करना पड़ता है।