
अमेठी हत्याकांड का सच आया सामने।
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हत्याकांड के चार दिन बाद सुनील की मामी ने उनकी पत्नी व आरोपी चंदन के बीच संबंधों पर चुप्पी तोड़ी है। रविवार को शिक्षक की मामी चंद्रकली ने कहा कि सुनील बेकसूर था, वह तो पूनम के चक्कर में मारा गया। चंदन तो दोषी है, लेकिन पूनम का दोष भी कम नहीं है।
चंद्रकली का कहना है कि सुनील पूनम और चंदन के रिश्ते से वाकिफ था, लेकिन पत्नी के प्रति लगाव से वह पूनम के कहने पर ही फैसला लेता था। उन्होंने बताया कि सुनील 15 दिन पहले घर आए थे तो कुछ काम लगवाए थे। जाते समय अपनी अम्मा से कहा था कि नवरात्र में घर आएंगे तो पानी का बोर भी करा देंगे। उन्होंने कहा कि सुनील बहुत गंभीर रहते थे। वह मां, बाप, टोला परिवार के सामने खुश रहते थे, लेकिन अंदर से दुखी रहते थे। उन्होंने कहा कि बहू पूनम अक्सर फोन पर किसी से बात किया करती थी।
पूनम के भाई ने पुलिस पर लगाया आरोप
पूनम और आरोपी चंदन के बीच संबंधों को लेकर जो चर्चा है, उस पर शनिवार को गोलाघाट पर दाह संस्कार के दौरान पूनम के भाई उतरपारा निवासी भानु ने चंदन और पुलिस को कठघरे में खड़ा किया था। उसका कहना था कि आरोपी चंदन मार्च से उसकी दीदी को परेशान कर रहा था। इसके चलते जीजा सुनील और दीदी बच्चों के साथ रायबरेली शहर के इंदिरा नगर में रहते थे। इसी बीच चंदन भी वहीं पर किराये के मकान में रहने लगा और तमंचा दिखाकर दीदी को बात करने के लिए धमकाता था।
भानु ने चंदन को ऐसा करने से रोका, लेकिन वह नहीं माना। इस पर जीजा सुनील परिवार के साथ सुदामापुर में अपने गांव में रहने लगे। भानू के मुताबिक 19 मई को वह दीदी को लेकर मौसी के घर जा रहा था, तभी चंदन ने फोटो खींच ली और वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद उससे बचने के लिए सभी लोग शिवरतनगंज में रहने लगे थे।
भानु ने कहा कि 18 अगस्त को रायबरेली में दीदी के साथ छेड़खानी की घटना हुई, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। उसी नतीजा है कि इतना बड़ा कांड हुआ। भानु ने साफ कहा था कि उसकी दीदी और चंदन का कोई संबंध नहीं था। वह जबरन मोबाइल पर बात करता था और ऐसा न करने पर धमकी देता था।
