पंजूसराय गांव में कर्जदार अशोक द्वारा बैंक टीम के सामने खुद को आग लगाने के मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एसपी ने सख्त कार्रवाई की है। समय रहते घटना की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं देने पर नौगावां सादात इंस्पेक्टर बालेंद्र यादव, मूंढ़ाखेड़ा चौकी इंचार्ज परविंदर मलिक और बीट प्रभारी कांस्टेबल हेमंत कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
वहीं एलआईयू और नौगावां सादात सीओ अवधभान भदोरियों को भी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। बृहस्पतिवार को पंजाब नेशनल बैंक की एक शाखा की टीम नायाब तहसीलदार रूपक सक्सेना और पुलिस बल के साथ पंजूसराय गांव में मकान खाली कराने पहुंची थी।
कार्रवाई के दौरान कर्जदार अशोक ने खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा ली थी। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और गंभीर रूप से झुलसे अशोक को अस्पताल भेजा गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर बालेंद्र यादव ने घटना की सूचना समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को नहीं दी।
यहां तक कि देर रात तक एसपी लखन सिंह यादव को भी घटना की पूरी जानकारी नहीं दी गई। उनसे भी पूरे मामले को छिपाकर रखा। जब एसपी को रात करीब नौ बजे सूचना मिली तो उन्होंने स्वयं फोन कर स्थिति स्पष्ट करने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान भी इंस्पेक्टर ओर से उन्हें भी गुमराह किया गया और घटना को आग लगाने का प्रयास बताया गया।
पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। इसी लापरवाही और सूचना छिपाने को गंभीर मानते हुए एसपी ने कड़ा कदम उठाते हुए इंस्पेक्टर बालेंद्र यादव, मूंढ़ाखेड़ा चौकी इंचार्ज परविंदर मलिक और बीट प्रभारी कांस्टेबल हेमंत कुमार को निलंबित कर दिया है। एसपी ने बताया कि मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
