झांसी-कानपुर हाइवे पर चिरगांव बाइपास के पास शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार चाचा-भतीजे को रौंद डाला। दोनों ट्रक के चक्के में फंस गए थे। भागने के चक्कर में ट्रक चालक दोनों को करीब 200 मीटर दूर घसीट ले गया। इससे दोनों के शरीर के चिथड़े हो गए। यह लोमहर्षक दृश्य देख वहां मौजूद हर किसी का कलेजा कांप उठा। चक्के में बाइक फंस जाने से चालक आखिरकार ट्रक छोड़कर भाग निकला। पुलिस उसे तलाश रही है।
मोंठ के गोपालपुरा गांव निवासी सुमित अहिरवार (50) पुत्र गुटई शुक्रवार सुबह अपने भतीजे वीर बहादुर (28) पुत्र शंभु के साथ सब्जी खरीदने चिरगांव बाजार गया था। सब्जी खरीदकर दोनों घर लौट रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि जैसे ही वह चिरगांव बाइपास पहुंचे, पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगने पर उनकी बाइक ट्रक के चक्के में फंस गई। बाइक फंसने के बावजूद चालक ने ट्रक नहीं रोका। वहां खड़े लोगों ने शोर मचाया लेकिन, वह रफ्तार में ट्रक भागने लगा। करीब 200 मीटर तक बाइक को घसीट ले गया। सुमित एवं वीर बहादुर भी उसमें फंसे रह गए। बाइक जब ट्रक से अलग नहीं हुई, तब चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। आसपास के लोग वहां जमा हो गए। हादसे में दोनों के शव बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। सुमित का शव कुचलकर कई टुकड़े में बंट गया। सिर, हाथ, पांव कई टुकड़ों में होकर पड़ा था वहीं, वीर बहादुर का शव भी क्षतिग्रस्त हो गया था। यह भयावह दृश्य देकर वहां मौजूद हर किसी के रोंगटे कांप उठे। परिवार के लोग भी शव का बुरा हाल देख अचेत हो गए। पुलिस को भी शव के टुकड़े जमा करने में खासी मुश्किल हुई। एसपी (आरए) डा.अरविंद कुमार का कहना है कि चालक ट्रक छोड़कर भाग निकला। उसकी तलाश की जा रही है।
दो दिन पहले तय हुई थी वीर बहादुर की शादी
तीन भाई बहनों में सबसे छोटा वीर बहादुर प्राइवेट काम करता था। उसकी मां शीला की 20 साल पहले मौत हो चुकी। परिजनों ने दो दिन पहले ही उसकी शादी तय की थी। उसकी मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया वहीं, सुमित कंपाउंडर था। गांव में जाकर लोगों का उपचार करता था। जिस जगह हादसा हुआ, उसके पास ही सुमित घर भी बनवा रहा था। सुमित के इकलौते बेटे राघवेंद्र की 15 साल पहले मौत हो गई। परिवार में पत्नी रामश्री एवं एक बेटी रागिनी है। पिछले साल ही उसने उसकी शादी की थी।
