उरई। नून नदी पर बने रपटे को पार करते समय दो दिन पहले पानी के बहाव में बहे वृद्ध का शव गुरुवार को मिल गया। हादसे के पहले वृद्ध ने पुत्र को फोन पर रपटे में अधिक पानी होने की बात बताई थी। इधर, ग्रामीणों ने पुल बनवाने की मांग कर शव को दो घंटे तक नहीं उठने दिया। सीओ के आश्वासन पर लोग मानें।
शहर कोतवाली क्षेत्र के रगौली गांव निवासी मलखान सिंह (60) का शव नून नदी में जलालपुर गांव के पास मिला। पुत्र जयचंद्र उर्फ कल्लू ने बताया कि पिता शहर के फैक्टरी एरिया स्थित एक कंपनी में काम करते थे। मंगलवार को वह काम कर लौटे तो गांव से निकली नून नदी के रपटे पर पानी अधिक होने पर उन्होंने फोन कर उसे बताया था। उन्होंने यह भी बताया था कि थोडी देर में आ जाएंगे। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
रात तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने उसकी खोजबीन की। उसका पता नहीं चलने पर उसने कोतवाली में पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। शव मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। पुलिस जब शव को ले जाने लगी तो ग्रामीणों ने उठाने से मना कर दिया। ग्रामीणों का कहना था कि वह हर साल रपटे में पानी अधिक हो जाने से निकलने के लिए तरसते हैं। इसके बाद भी प्रशासन की तरफ से कोई इंतजाम नहीं होता है। अगर रपटे पर पुल नहीं बनाया गया तो ऐसे ही हादसे होते रहेंगे।
सूचना पर सीओ अर्चना सिंह मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों को समझाकर उच्चाधिकारियों से बात की। इसके बाद आश्वासन दिया। तब ग्रामीण माने और शव को ले जाने दिया।
वृद्ध की पानी में डूबने से मौत हुई है। परिजनों को समझा दिया गया है। मामले में जांच की जा रही है।
अर्चना सिंह, सीओ उरई
