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संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Wed, 09 Oct 2024 12:56 AM IST

कटरा के रामजानकी मंदिर में आयोजित रामलीला के दौरान आरती करते बौद्ध भिक्षु यूओ वाथा ।
श्रावस्ती। भिनगा स्थित राजर्षि ठाकुर द्वारा व कटरा के रामजानकी मंदिर में हो रहे रामलीला के दौरान सोमवार को श्रीराम विवाह का मंचन किया गया। लोग देर रात तक कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।
रामलीला मंचन के दौरान सोमवार वार को राजा जनक की निराशा को देख कर गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर प्रभु श्रीराम ने जैसे ही धनुष को उठा कर प्रत्यंचा चढ़ाने लगे धनुष टूट गया। शिव धनुष टूटने की नाद सुन परशुराम मन की गति से तेज चलकर जनकपुर पहुंच गए। उन्हें देखकर महाराज जनक सहित सभी राजाओं ने प्रणाम किया फिर भी उनका क्रोध शांत न हो सका।
वहीं श्रीराम के वचनों को सुन परशुराम को क्रोध शांत होता है, तत्पश्चात प्रभु जानकी को वरमाला डालकर स्वयंवर समाप्त करते हैं। वहीं सेमरी में संत सर्वेश महाराज ने श्री राम कथा के दौरान श्रीराम के विभिन्न रूपों का संगीतमय वर्णन किया। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
