परिवार में मौजूद अतीक के चौथे नंबर के बेटे अहजम ने गुहार लगाई कि कम से कम उसके भाइयों को सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने का मौका दिया जाए। अतीक के दो बेटे उमर और अली अलग-अलग मामलों में जेल में बंद हैं। उमर लखनऊ जेल और अली झांसी जेल में निरुद्ध हैं। ऐसे में आबान के सुपुर्द-ए-खाक में उनकी मौजूदगी के लिए पैरोल मिलने की संभावना को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अतीक के चौथे नंबर के बेटे अहजम और सबसे छोटे बेटे आबान का बचपन प्रयागराज के चकिया इलाके में बीता। करीब तीन साल पहले तक दोनों वहीं रहते थे और स्कूल भी चकिया से ही जाते थे। बाद में दोनों को उनकी बुआ परवीन कुरैशी के घर हटवा भेज दिया गया था। अतीक ने अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए शहर के प्रतिष्ठित एक स्कूल में दाखिला कराया था। स्कूल आने-जाने के लिए उनके लिए पजेरो गाड़ी भी खरीदी गई थी।
उमर ने देखा आईएएस बनने का सपना, फिर घिरा
परिवार के सबसे बड़े बेटे उमर को बचपन में पढ़ाई में रुचि रखने वाला बताया जाता था। वह आईएएस बनने की बात करता था। पढ़ाई पूरी करने के बाद उसने कानून की पढ़ाई के लिए उत्तराखंड का रुख किया, लेकिन बाद में वह भी आपराधिक मामलों में घिर गया और इस समय लखनऊ की जेल में बंद है।