रामनगर कोतवाली क्षेत्र के बिछलका गांव में बृहस्पतिवार शाम खेतों में साग तोड़ने निकलीं तीन किशोरियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गईं। देर शाम तक घर न लौटने पर परिजनों की बेचैनी बढ़ी और रात होते-होते गांव में अफरा-तफरी जैसी स्थिति बन गई। सूचना पर पुलिस हरकत में आई और तलाशी के लिए तीन टीमें लगाई गई हैं। गांव में बेचैनी का माहौल बना हुआ है।

पुलिस के अनुसार 13, 14 और 15 साल की तीन सहेलियां शाम करीब चार बजे यह कहकर घर से निकली थीं कि वे खेतों से बथुआ तोड़ने जा रही हैं। करीब छह बजे तक जब वे वापस नहीं लौटीं तो परिजन उन्हें खोजते हुए खेतों तक पहुंचे, लेकिन किशोरियों का कोई पता नहीं चला। इसी बीच रात गहराने लगी तो चिंता और बढ़ गई। परिजनों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।

 

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सूचना मिलते ही कोतवाल अनिल कुमार पांडे पुलिस टीम के साथ गांव पहुंचे और छानबीन शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ रामनगर गरिमा पंत भी मौके पर पहुंचीं। प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि लापता किशोरियों में से एक दलित समाज से है। पुलिस को जानकारी मिली कि तीन में से एक किशोरी के पास मोबाइल फोन था। सर्विलांस की मदद से उसकी लोकेशन ट्रेस करने का प्रयास शुरू किया गया है, ताकि कोई सुराग मिल सके।

18 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी किशोरियों का पता न लगने से पुलिस भी चिंतित है। सीओ गरिमा पंत का कहना है कि किशोरियों की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार काम कर रही हैं। हर संभावित स्थान पर पड़ताल की जा रही है। जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।



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