बरेली में आने वाले वर्षों में रोडवेज चरणबद्ध तरीके से डीजल पर निर्भरता घटाएगा। इसके लिए 200 ई-बसों का अत्याधुनिक टर्मिनल बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मकसद पर्यावरण संरक्षण और परिचालन लागत में कमी लाना है। ई-बसों का संचालन शुरू होने के बाद रोडवेज पर वित्तीय बोझ भी कम होगा। यात्रा भी आरामदेह हो जाएगी।
डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण यात्रा महंगी होने के साथ रोडवेज पर वित्तीय बोझ भी बढ़ता जा रहा है। नगरीय विकास विभाग ने दो साल पहले ही शहर में ई-बसों का संचालन शुरू कर दिया है। ई-बस डिपो स्वालेनगर में बनाया गया है। अब रोडवेज ई-बसों का संचालन शुरू करेगा। पहले चरण में बरेली से ई-बस सेवा शुरू होगी।
झुमका तिराहे के पास भी बनेगा बस अड्डा
इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि पर 16.72 करोड़ की लागत से एक बस अड्डा बनकर तैयार है। अगले माह यहां से बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। झुमका तिराहा के पास बस अड्डा निर्माण के लिए छह एकड़ और बदायूं रोड पर रामगंगा के पास 4.50 एकड़ भूमि चिह्नित की गई है। ई-बस टर्मिनल झुमका तिराहे के पास चिह्नित की गई भूमि पर बनाने की योजना है। इसके लिए फाइनल लोकेशन सर्वे के बाद डीपीआर तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी।