बरेली के शाही, शीशगढ़ व आसपास के इलाके में हुईं महिलाओं की हत्या से जुड़ा खुलासा सवालों में है। हत्यारोपी कुलदीप के परिजन उसे हत्यारा मानने को तैयार नहीं। उनका कहना है कि कुलदीप पागल है, लेकिन सनकी नहीं। गांव वालों को भी पुलिस की थ्योरी पर यकीन नहीं हो रहा। पीड़ित परिवारों के दावे अलग-अलग हैं। कोई सही मानकर खुश है तो किसी को सच्चाई कुछ और लग रही। वहीं, पुलिस वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ खुलासे को सही ठहरा रही है।




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लगातार खुलासे को लेकर आ रहे बयानों पर अमर उजाला टीम ने मंगलवार को विभिन्न पक्षों से बात की तो सभी ने अपने-अपने तर्कों के साथ कुलदीप के हत्यारोपी होने या न होने पर प्रतिक्रिया दी। वहीं उठ रहे सवालों पर लगातार हत्याओं से सहमे संबंधित क्षेत्रों के ग्रामीणों ने कहा कि अब अगर आगे इस तरह की घटनाएं नहीं हुईं तो वह पुलिस के खुलासे को ही सच मानकर चलेंगे।


पिता ने कहा…वह चूहा भी नहीं मार सकता

कुलदीप के पिता बाबूराम ने बताया कि बेटा बचपन से ही पागल है। वह चूहा भी नहीं मार सकता। वह पहले तो गांव आता था, लेकिन काफी समय से यहां नहीं आया। उसने कोई पढ़ाई भी नहीं की है। उनके अनुसार कुलदीप उनकी पहली पत्नी तारा देवी का बेटा है। उसकी सगी बहन प्रीति है। दूसरी शादी के बाद भी उन्होंने पत्नी व बच्चों से भेद नहीं किया। नवाबगंज में तारा देवी और बच्चों को अलग मकान ले दिया। कुलदीप बराबर गांव आता रहा। छह साल पहले कुलदीप की उन्होंने शादी की। बहू एक हाथ से दिव्यांग थी। बेटे के पागलपन की वजह से वह उसे छोड़कर चली गई और दूसरी शादी कर ली।


मां का तर्क…जो कहो वो मान लेता है, साजिश करके फंसाया

सौतेली मां नत्थू देवी का खुद पर लगे आरोपों के बारे में कहना है कि वे मनगढ़ंत हैं। कुलदीप उन्हें मां कहता है और वह भी बेटे के तौर पर उसे मानती हैं। उसने कभी उन पर या गांव की किसी महिला पर हमला नहीं किया। शाही क्षेत्र में उनकी ननद व ननद की बेटी ब्याही हैं। कुलदीप वहां जाता था पर किसी की हत्या कर देगा, इस बारे में उन्हें यकीन नहीं। बताया कि, कुलदीप को ज्यादा समझ नहीं है। उसे शादी की धुन जरूर है। कोई उसे शादी कराने की बात कहकर जो बताएगा, वैसा ही वह बोल देगा। उन्हें लगता है कि किसी ने साजिशन उसे फंसवा दिया है।


बहन का आरोप…सौतेली मां से डरता है, हत्या नहीं कर सकता

शाही के आनंदपुर गांव की निवासी कुलदीप की फुफेरी बहन मिथलेश ने बताया कि कुलदीप ज्यादातर वक्त उनके घर या उनकी मां के पास पड़ोसी गांव में रहता था। उसकी मां की दो साल पहले मौत हो चुकी है।




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