
कोर्ट फैसला
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में दंपती सहित पांच को जिंदा जलाने वाले मुरारी कश्यप को मंगलवार को दोपहर दो बजे दीवानी हवालात से जिला जज के न्यायालय में पुलिस की सुरक्षा में पेश किया गया। डेढ़ घंटे तक लगातार कठघरे में खड़ा रहा। जिला जज सुधीर कुमार ने आदेश में लिखा है कि अभियुक्त ने एक राक्षसी कृत्य किया है। ऐसे व्यक्ति को समाज में जीने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने फांसी की सजा सुनाई।
जगदीश प्रजापति और मुरारी कश्यप के बीच वर्ष 2020 में होली पर गांव में लगाए गए डीजे पर नाचने को लेकर विवाद हो गया था। उस समय गांव के लोगों ने विवाद शांत करा दिया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत बंद हो गई। मुरारी ने कई बार जगदीश को पूरे परिवार का सफाया करने की गांव में खुलेआम धमकी दी।
