आगरा। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी की तीन सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार को आगरा में प्रस्तावित तीन प्रोजेक्ट में काटे जाने वाले पेड़ों की साइट का निरीक्षण किया। समोगर घाट पर प्रस्तावित पुल, पावरग्रिड की लाइन और सबस्टेशन, प्रकाश नगर पुल साइट देखी। आगरा कॉलेज और एमजी रोड के डिवाइडर पर काटे गए पेड़ों का सीईसी सदस्यों ने जायजा लिया। इस निरीक्षण में शिकायतकर्ताओं ने दूरी बनाने पर आपत्ति दर्ज कराई है।
सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के चेयरमैन चंद्रप्रकाश गोयल, सदस्य अंजन कुमार मोहंती और डॉ. सतीश सी गरकोटी ने बृहस्पतिवार को पावरग्रिड कॉरपोरेशन के हाईटेंशन लाइन रूट और प्रस्तावित सबस्टेशन में बाधा बने पेड़ों को काटने वाली साइट के साथ यमुना नदी पर समोगर घाट पर प्रस्तावित सेतु निगम के पुल, प्रकाश नगर में पुल की साइट का निरीक्षण किया। अधिकारियों के साथ उन्होंने निर्माण कार्यों में काटे जाने वाले पेड़ों की शिफ्टिंग और बचाने की संभावनाएं तलाशीं। सीईसी सदस्य आगरा कॉलेज में पेड़ काटने की शिकायत पर निरीक्षण करने भी पहुंचे, वहीं एमजी रोड पर यूपीएमआरसी की ओर से डिवाइडर पर पेड़ काटने की डॉ. शरद गुप्ता की शिकायत पर उन जगहों को देखा। शाम को कमेटी के सदस्य दिल्ली चले गए।
शिकायतकर्ता ने दर्ज कराई आपत्ति
आगरा कॉलेज में 500 पेड़ों को काटने की शिकायत करने वाले अपूर्व शर्मा ने सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी के निरीक्षण पर आपत्ति जताई। उन्होंने ई-मेल से भेजी शिकायत में कहा कि गुपचुप तरीके से निरीक्षण किया गया, जिसमें शिकायतकर्ताओं को अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया गया। अपूर्व शर्मा ने कहा कि उन्होंने पेड़ों के काटने वाली जगह पर एक घंटे तक इंतजार किया और ओएसडी से टीम से मिलने के लिए समय मांगा, जो उन्हें नहीं दिया गया। आगरा मेट्रो के पेड़ काटने के मामले में शिकायतकर्ता डॉ. शरद गुप्ता ने भी कहा कि सीईसी सदस्यों के आगरा आने पर उनसे मिलने नहीं दिया गया। बैठक कहां होगी, इसका ब्योरा भी साझा नहीं किया गया।
