संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी

Updated Sun, 14 Jun 2026 02:05 AM IST

Clicking on the CR number will reveal the patient's history and tests.



झांसी।


आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के तहत अब रोगी को सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर (सीआर नंबर) मिलेगा। इससे रोगी को उपचार संबंधी दस्तावेज ले जाने की जरूरत नहीं। जैसे ही डॉक्टर सीआर नंबर कंप्यूटर पर डालेंगे वैसे ही बीमारी की हिस्ट्री, उपचार आदि स्क्रीन पर होगा। यह व्यवस्था प्रदेश में तीन माह के अंदर लागू होगी।

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए पिछले दिनों लखनऊ में कई डॉक्टरों को प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें झांसी के कई डॉक्टर शामिल हुए। महिला अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप गोयल ने बताया एबीडीएम के तहत अब आयुष्मान पात्र रोगियों का आभा आईडी पर पंजीकरण होगा जहां से उसे सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर (सीआर नंबर) मिलेगा। रोगी को सीआर नंबर दे दिया जाएगा ताकि वह जहां भी उपचार कराने जाए, वहीं उसके आधार पर उपचार शुरू करवा सके। उन्होंने बताया की सीआर नंबर पर रोगी के पर्चे के साथ-साथ उसकी होने वाली जांचें, दवाओं आदि का पूरा ब्यौरा होगा। डॉ. संदीप ने बताया कि यह व्यवस्था आगामी तीन माह के अंदर लागू करनी है।



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