
कोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में 14 साल पहले एक किशोरी का अपहरण करने वाले दो दोषियों को स्पेशल जज ईसी एक्ट जयप्रकाश ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
करहल थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली एक किशोरी 25 अगस्त 2010 को अपनी छोटी बहन के साथ गांव के बाहर शौच के लिए गई थी। खेत से ही उसकी बुआ की बीमारी के नाम पर उसको छोटू निवासी नई आबादी गोबर चौकी रोशन नगर थाना ताजगंज जिला आगरा तथा वीरेंद्र निवासी कायस्थान थाना सकीट जिला एटा अपने साथ ले गए।
किशोरी के पिता ने दोनों के खिलाफ अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके दोनों के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट जयप्रकाश के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, पीड़िता, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने गवाही दी।
गवाही के आधार पर दोनों को किशोरी का अपहरण करने का दोषी पाया गया। स्पेशल जज ईसी एक्ट जयप्रकाश ने दोनों को पांच पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 12-12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
पीड़िता को मिलेंगे 12 हजार रुपये
स्पेशल जज ईसी एक्ट जयप्रकाश ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि पीड़िता को मुआवजा के रूप में दी जाएगी। जुर्माने की 24 हजार रुपये की धनराशि में से 12 हजार रुपया पीड़िता को दिए जाएगे। किशोरी ने अपनी गवाही में छोटू और वीरेंद्र के खिलाफ अपहरण करने की गवाही दी थी। बताया था कि उसकी बुआ सकीट जिला एटा में रहती हैं। वीरेंद्र भी सकीट का रहने वाला है। उसको आगरा में छोटू के मकान में बंधक बनाकर रखा गया था।
