– प्रयागराज, गोरखपुर, बांदा के डॉक्टरों ने सीखा एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट व बेसिक लाइफ सपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पैरामेडिकल कॉलेज में शुक्रवार से तीन दिवसीय सीपीआर (कार्डियक पल्मोनरी रिससिटेशन) के तहत एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट व बेसिक लाइफ सपोर्ट की ट्रेनिंग शुरू हुई। प्रयागराज, गोरखपुर, बांदा, दतिया आदि जिलों से आए डॉक्टर, 26 रेजिडेंट, पैरामेडिकल कर्मी व नर्सिंग स्टॉफ ने ट्रेनिंग ली। इन्हें अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन से सर्टिफिकेट मिलेगा।
पैरामेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. अंशुल जैन ने बताया कि अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और एसजीपीजीआई, लखनऊ ने संयुक्त रूप से सीपीआर बेसिक लाइफ सपोर्ट व सीपीआर एडवांस कार्डियक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को डॉ. अंशुल जैन, डॉ. नूतन अग्रवाल, डाॅ. छवि सेठी, डॉ. जकी सिद्दीकी, डॉ. सुभाष अग्रवाल ने ट्रेनिंग दी। सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले डॉक्टर व पैरामेडिकल कर्मी भी अपने जिलों में इंस्ट्रक्टर बनेंगे और प्रशिक्षण देंगे। शुक्रवार को प्रशिक्षण में प्रयागराज के डॉ. केके मिश्रा, डॉ. एसके मिश्र, बांदा के डॉ. एसबी दोहरे, गोरखपुर के डॉ. आनंद कुमार सिंह आदि शामिल रहे।
क्या होता है सीपीआर
सीपीआर की जरूरत तब होती है जब किसी की सांस रुक जाए या दिल की धड़कन थम जाए। पीड़ित के सीने के बीचों-बीच हथेली रखकर पंपिंग करते हुए दबाया जाता है। यह कोई भी सीख सकता है, इसमें छाती को दबाना और मुंह से सांस देना (माउथ टू माउथ रेस्पिरेशन) शामिल होता है।
