अलीगढ़ की मशहूर कचौड़ी, चमचम और उम्दा डेयरी प्रॉडक्ट्स अब न सिर्फ शहर की गलियों में महकेंगे, बल्कि विश्व स्तरीय स्मार्ट पैकेजिंग और ई-कॉमर्स के दम पर दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचेंगे।
जीटी रोड स्थित होटल में बृहस्पतिवार को वन डिस्ट्रिक्ट वन कुजीन (ओडीओसी) और निर्यात प्रोत्साहन के तहत आयोजित दो कार्यशालाओं में स्थानीय कारोबारियों को ग्लोबल बनने के गुरुमंत्र दिए गए। अक्सर स्थानीय मिठाइयों और नमकीन की कम शेल्फ लाइफ (जल्दी खराब होना) उनके बड़े बाजार तक पहुंचने में रोड़ा बनती है। भारतीय पैकेजिंग संस्थान, लखनऊ के विशेषज्ञ डॉ. अंशुमन श्रीवास्तव ने उद्यमियों को आधुनिक, ईको-फ्रेंडली और स्मार्ट पैकेजिंग की बारीकियां सिखाईं।
अब कचौड़ी और चमचम के डिब्बों पर क्यूआर कोड, न्यूट्रिशन लेबलिंग और बारकोड का जलवा दिखेगा। इससे न केवल उत्पादों की ताजगी बनी रहेगी, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा। दिन के दूसरे सत्र में एमएसएमई और निर्यातक इकाइयों की ताकत बढ़ाने के लिए क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन हुआ। यहां आइडियाज टू इम्पैक्ट फाउंडेशन की टीम ने उद्यमियों को पारंपरिक दुकानदारी से बाहर निकलकर बीटूबी और बीटूसी ई-कॉमर्स मॉडल अपनाने के व्यावहारिक तरीके बताए।
सबसे बड़ा आकर्षण रहा दिग्गजों के मंच वॉलमार्ट प्लेटफॉर्म पर स्थानीय एमएसएमई और निर्यातकों का ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन, जिससे अलीगढ़ के प्रोडक्ट्स के लिए सीधे अंतरराष्ट्रीय बाजार के दरवाजे खुल गए। कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग बृजेश कुमार, खाद्य सुरक्षा अधिकारी महेंद्र सिंह, तनमय, वॉलमार्ट टीम से रवि कुमार और अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित कई व्यापारी व कारीगर मौजूद रहे।
ओडीओसी योजना का असली मकसद हमारे पारंपरिक व्यंजनों और उत्पादों को आधुनिक तकनीक, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के जरिये राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय मंच देना है। विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर हमारे उद्यमी सरकार की प्रोत्साहन नीतियों का पूरा फायदा उठा सकते हैं।-एस.पी. यादव, उपायुक्त उद्योग
