2022 के विधानसभा चुनाव, नेता जी मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव, 2024 में हुए लोकसभा चुनाव के अब फिर 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले आकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ही दिन में सपा के मैनपुरी और इटावा की सात विधानसभा सीटों को साधेंगे। माना जा रहा है कि वह चुनाव से ठीक पहले परियोजनाओं की सौगात के रूप में पिच तैयार करने का प्रयास करेंगे।
इटावा और मैनपुरी सपा के सबसे बड़े गढ़ माने जाते हैं। यही वजह है कि भाजपा का इन जिलों पर खास फोकस रहता है। इटावा में विधानसभा की तीन सीटें इटावा सदर, भरथना और जसवंतनगर हैं। वहीं मैनपुरी में मैनपुरी, भोगांव, किशनी और करहल चार सीटें हैं। हालांकि काफी प्रयासों के बावजूद सात में से चार सीटें अभी भी सपा के ही खाते में हैं। इटावा में जिला पंचायत अध्यक्ष, सांसद भी सपा के ही हैं।
