Seven non-stop trains including Amrit Bharat and Kamakhya Express were stopped and candidates were sent to the examination centre.

फोटो 14 वंदे भारत एक्सप्रेस में चढ़ते व ट्रेन व इंतजार करते परीक्षार्थी। संवाद

इटावा। रेलवे प्रशासन ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) देकर आ व जा रहे हजारों परीक्षार्थियों की भारी भीड़ को देखते हुए देर रात तक नॉन-स्टॉप ट्रेनों को इटावा जंक्शन पर रोका गया। इसमें प्रमुख रूप में गोरखपुर-अमृत एक्सप्रेस, कामाख्या एक्सप्रेस आदि ट्रेनें शामिल रहीं। आरपीएफ व जीआरपी टीम ने प्लेटफॉर्म पर खड़े होकर परीक्षार्थियों को बैठाया। इस दौरान परीक्षार्थियों से लटक कर यात्रा न करने की हिदायत दी गई।


रविवार शाम पीईटी का पेपर पांच बजे छूटा। इसमें शहर समेत कई ग्रामीण क्षेत्रों में परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। शहर के परीक्षा 30 से 40 मिनट में रेलवे स्टेशन पहुंच गए। वहीं, दूर-दराज क्षेत्र से आने वाले परीक्षार्थियों को मुख्यालय आने में समय लगा। पेपर छूटने के बाद परीक्षार्थियों की अचानक भीड़ बढ़ गई। एक्सप्रेस व पैसेंजर ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण परीक्षा देने आए परीक्षार्थी स्टेशन पर ही फंस गए।

इस स्थिति से निपटने के लिए रेलवे प्रशासन ने सतर्कता दिखाते हुए कानपुर और दिल्ली मार्ग की दिशा में जाने वाली नॉन-स्टॉप ट्रेनों को रोकने के लिए कंट्रोल में सूचना दी। इससे बाहर से आने व जाने वाले परीक्षार्थियों को कोई असुविधा न हो। इस दौरान इटावा जंक्शन पर गोरखपुर-अमृत भारत एक्सप्रेस, पुरी-जयपुर स्पेशल ट्रेन, लखनऊ त्योहार स्पेशल ट्रेन, कामाख्या एक्सप्रेस, भागलपुर स्पेशल ट्रेन, गया स्पेशल आदि ट्रेनों को रोककर परीक्षार्थियों को बैठाया व बाहर से आने वाले परीक्षार्थी उतर गए।

इटावा जंक्शन पर परीक्षार्थियों की भीड़ के कारण किसी भी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी की टीमों को प्लेटफॉर्म पर तैनात किया गया था। माइक एनाउंसमेंट के माध्यम से परीक्षार्थियों को लगातार जानकारी दी गई कि उनके गंतव्य की ओर जाने के लिए नॉन-स्टॉप ट्रेनों को लगातार रोका जा रहा है, इसलिए वे किसी प्रकार की आपाधापी न करें।



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